छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से सरकार को घेरते हुए इस बयान में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है। साथ ही, छात्र-छात्राओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई। बयान में शहीद परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा, पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सख्त कार्रवाई, सरकारी परीक्षाओं में फीस खत्म करने और परीक्षा केंद्र घर के पास रखने जैसी कई मांगें भी रखी गई हैं। इसके अलावा NEET UG, JEE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर भर्ती और वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग की गई है। बयान में हिंसा का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण जन आंदोलन की बात भी कही गई।