कड़ाके की ठंड के बावजूद इस साल गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद, विशेषज्ञों ने बताई वजह
कड़ाके की ठंड और बारिश की कमी के बावजूद हरियाणा में गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ठंड और ओस से फसल को लाभ मिला है. राज्य में बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि मौसम विभाग ने कई जिलों में ठंड का अलर्ट जारी किया है.
Haryana News: कड़ाके की ठंड और लंबे समय से बारिश न होने के बावजूद हरियाणा में इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 15 दिनों में राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिसंबर महीने में हरियाणा में एक भी बारिश नहीं हुई, जबकि पिछले साल इसी दौरान 26.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. इस महीने अब तक सिर्फ 0.7 मिमी बारिश हुई है, जबकि औसत 5.5 मिमी होती है. इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा मौसम ने गेहूं की फसल को नुकसान नहीं पहुंचाया है.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएआर-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (IIWBR) के निदेशक रतन तिवारी ने कहा है कि तेज ठंड के बावजूद गेहूं की फसल की स्थिति बहुत अच्छी है. तिवारी ने कहा कि गेहूं उगाने वाले ज्यादातर राज्यों में तापमान काफी कम है, जिससे फसलों पर ओस बनी रहती है और उन्हें जरूरी नमी मिलती है. उन्होंने कहा कि उनकी टीमों ने कई राज्यों में खेतों का निरीक्षण किया है और अब तक फसल पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर नहीं देखा गया है. साथ ही, किसी बीमारी की भी कोई सूचना नहीं है.
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देश में गेहूं की बुआई का रकबा 33.4 मिलियन हेक्टेयर
बारिश न होने को लेकर चिंता पर उन्होंने कहा कि बारिश फायदेमंद होती है, लेकिन इसकी कमी से फिलहाल फसल की सेहत या उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है. ठंड और कोहरे की वजह से सिंचाई की जरूरत भी कम हुई है, जिससे किसानों को राहत मिली है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है, जो फसल के लिए अच्छी रहेगी. तिवारी के अनुसार, देश में गेहूं की बुआई का रकबा 33.4 मिलियन हेक्टेयर से अधिक हो चुका है और केंद्र सरकार ने इस सीजन के लिए 119 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है. हरियाणा में सिरसा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक जिला बना हुआ है, जबकि पंचकूला में सबसे कम क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है.
हरियाणा में मौसम का हाल
इस बीच हरियाणा में कड़ाके की ठंड का असर जारी रहा. राज्य के लगभग सभी मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. केवल गुरुग्राम में तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रहा. अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, फतेहाबाद, जींद और हिसार जिलों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट लगाया गया है. मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के चार जिलों के लिए शुक्रवार को भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी
IMD की शाम की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है. हिसार के अलावा महेंद्रगढ़ में 0.8 डिग्री, नारनौल में 1.5 डिग्री, सोनीपत और जींद (AWS) में 2.6 डिग्री, सिरसा और मेवात (AWS) में 2.9 डिग्री, जबकि रोहतक (AWS) में 3.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया.