मॉनसून पर अल नीनो का असर! अगस्त में 15 फीसदी कम बारिश, बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर देगा राहत

देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में मॉनसून अभी सक्रिय बना हुआ है. IMD के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर बन सकता है, जिससे बारिश का दौर आगे बढ़ेगा. अगस्त में अब तक देश में सामान्य से 15.2 फीसदी कम बारिश हुई है. दक्षिणी प्रायद्वीप में सबसे ज्यादा 23.1 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है.

Kisan India
नोएडा | Published: 22 Aug, 2026 | 05:54 PM

Weather Update: देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में मॉनसून का असर अभी कम होता नहीं दिख रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, रविवार तक पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों के पास समुद्र में एक नया लो प्रेशर एरिया बन सकता है. इससे इन इलाकों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है. हालांकि, अगस्त में अब तक देश में बारिश सामान्य से कम रही है. अल नीनो के असर के बीच शुक्रवार तक देश में सामान्य से 15.2 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है.

क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश की कमी 23.1 फीसदी रही. इसके बाद मध्य भारत में 16.5 फीसदी, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 13.5 फीसदी और उत्तर-पश्चिम भारत में 9.7 फीसदी बारिश कम हुई है. जून से अगस्त तक पूरे मॉनसून सीजन की बात करें तो देश में अब तक 13.2 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. यानी मॉनसून सीजन में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है.

बंगाल की खाड़ी से फिर बदलेगा मौसम

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो प्रेशर सिस्टम सिर्फ एक-दो दिन तक सीमित रहने वाला नहीं है. मौसम के मॉडल के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी  में बना यह सिस्टम अगले पूरे हफ्ते तक सक्रिय रह सकता है. इसके अगस्त के अंत तक बने रहने की संभावना भी जताई गई है. इससे पहले बना लो प्रेशर सिस्टम शनिवार दोपहर तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना हुआ था. इसके चलते मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश का असर जारी है.

बंगाल की खाड़ी में कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी का मौसमी सिस्टम दक्षिण चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में बन रहे उष्णकटिबंधीय सिस्टम से भी प्रभावित हो रहा है. इन सिस्टम से निकलने वाली पूर्वी हवाएं वियतनाम, थाईलैंड और म्यांमार से होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ रही हैं और बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही हैं. यहां पहुंचने के बाद ये हवाएं लो प्रेशर सिस्टम में बदल रही हैं. शनिवार सुबह की सैटेलाइट तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन दिखाई दिए. दोपहर तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों के पास बने सर्कुलेशन उत्तर बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के आसपास बने सिस्टम के साथ मिल गए. इससे आने वाले दिनों में नए मौसम सिस्टम बनने की संभावना बढ़ गई है.

नए लो प्रेशर से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में फिर तेज बारिश के आसार

बंगाल की खाड़ी में नए लो प्रेशर सिस्टम के बनने की संभावना के बीच पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है. दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में भी बारिश होने की संभावना है. इस बीच पिछले 24 घंटे के दौरान अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई. इसके अलावा पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश दर्ज की गई.

 

 

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