गर्मी बढ़ेगी लेकिन हालात नहीं होंगे खतरनाक, सरकार बोली- अफवाहों से बचें और IMD पर भरोसा करें

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि भले ही कुछ क्षेत्रों में तापमान ज्यादा रहने की संभावना है, लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है. लोगों को डरने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए. डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान अब पहले से ज्यादा सटीक हो गए हैं. ऐसे में अगर लोग समय पर जानकारी लेकर तैयारी करते हैं, तो गर्मी के असर से बचा जा सकता है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 3 May, 2026 | 07:23 AM

 Heatwave alert: मई का महीना शुरू होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी तेज होने लगी है और हीटवेव को लेकर चिंता भी बढ़ने लगी है. ऐसे समय में केंद्र सरकार ने लोगों को साफ संदेश दिया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क रहकर और सही जानकारी के साथ इस मौसम का सामना किया जा सकता है. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और IMD के पूर्वानुमान पर भरोसा करें. उन्होंने कहा कि सही तैयारी और साधारण सावधानियों से हीटवेव के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

गर्मी को लेकर सरकार का स्पष्ट संदेश

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि भले ही कुछ क्षेत्रों में तापमान ज्यादा रहने की संभावना है, लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है. लोगों को डरने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए. डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान अब पहले से ज्यादा सटीक हो गए हैं. ऐसे में अगर लोग समय पर जानकारी लेकर तैयारी करते हैं, तो गर्मी के असर से बचा जा सकता है.

किन क्षेत्रों में ज्यादा असर पड़ेगा

मौसम विभाग के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ सकती है. इनमें दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाके शामिल हैं. इसके अलावा हिमालय के तराई क्षेत्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में हीटवेव के दिन सामान्य से 2 से 4 दिन ज्यादा हो सकते हैं.

मई के दूसरे सप्ताह (8 से 14 मई) और चौथे सप्ताह (22 से 28 मई) के दौरान गर्मी अपने चरम पर रह सकती है. हालांकि पहले और तीसरे सप्ताह में बादल और बारिश के कारण थोड़ी राहत मिलने की संभावना है.

रात में भी बढ़ेगी गर्मी

इस बार सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात के समय भी गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है. खासकर शहरों और तटीय इलाकों में रात का तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है. पूर्वी तट, गुजरात और महाराष्ट्र में उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है, जिससे नींद और सेहत पर भी असर पड़ सकता है.

सरकार की तैयारियां

सरकार ने बताया है कि राज्यों और जिलों के स्तर पर पूरी तैयारी की जा रही है. पीने के पानी की उपलब्धता, बिजली की आपूर्ति और कूलिंग व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. इसके साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि ये वर्ग गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.

किसानों के लिए क्या सलाह

किसानों के लिए यह समय रबी फसलों की कटाई के लिहाज से अच्छा माना गया है. हालांकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में गर्मी का असर धान (बोरो), मक्का और दलहनी फसलों पर पड़ सकता है.

किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेत का काम सुबह या शाम के समय करें. इसके अलावा हल्की और बार-बार सिंचाई करने और पशुओं को गर्मी से बचाने के उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है.

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

गर्मी से बचाव के लिए कुछ साधारण उपाय बहुत मददगार हो सकते हैं:

  • दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें
  • बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
  • मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें

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