Monsoon Update: देशभर में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. बंगाल की उत्तर-पश्चिम खाड़ी में इस सीजन का पहला डिप्रेशन (कम दबाव का मजबूत क्षेत्र) बनने के बाद मौसम ने करवट ले ली है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस सिस्टम के असर से ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
इसके बाद इसका असर मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर-पश्चिम भारत तक देखने को मिलेगा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम मॉनसून को और ताकत देगा, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है.
कहां बना है डिप्रेशन और क्या होगा इसका असर?
रविवार सुबह मौसम विभाग ने बताया कि डिप्रेशन बंगाल की उत्तर-पश्चिम खाड़ी में ओडिशा तट के काफी करीब बना हुआ है. यह बालासोर, चांदबली और दीघा के आसपास सक्रिय है. हालांकि यह सिस्टम समुद्र तट के करीब होने के कारण ज्यादा शक्तिशाली नहीं बनेगा, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लगातार बंगाल की खाड़ी से नमी खींचता रहेगा. इसी वजह से कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर बना रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को यह सिस्टम बालासोर के पास ओडिशा तट को पार करेगा.
⚠️ IMD Weather Warning !
A Depression has formed over the northwest Bay of Bengal and adjoining areas of the North Odisha–West Bengal coasts.
✅ Stay updated with official IMD forecasts and follow advisories issued by local authorities.#IMD #WeatherUpdate #WeatherWarning… pic.twitter.com/lMwQgBHbRt
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 5, 2026
इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश
डिप्रेशन के कारण सबसे पहले ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके बाद मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और मुंबई में भी तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिस्टम पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के साथ मिल सकता है. अगर ऐसा होता है तो बारिश और तेज हो सकती है. जिन इलाकों में पहले से पानी भरा हुआ है, वहां जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी बढ़ सकती है.
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी पहुंचेगा मॉनसून
मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में मॉनसून हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बचे हुए हिस्सों में भी पहुंच जाएगा. इसके साथ ही पूरे देश में मॉनसून का विस्तार पूरा हो जाएगा. इसका मतलब है कि जल्द ही देश का कोई भी हिस्सा मॉनसून से अछूता नहीं रहेगा.
बारिश की कमी तेजी से हुई कम
पिछले कुछ दिनों में हुई अच्छी बारिश का असर अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है. जिन इलाकों में बारिश की कमी थी, वहां हालात तेजी से सुधर रहे हैं. मध्य भारत में मॉनसून के दौरान बारिश की कमी पहले के मुकाबले काफी घट गई है. वहीं पूरे देश में भी बारिश का कुल घाटा कम हुआ है. मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से यह स्थिति और बेहतर हो सकती है.
इसके बाद बदल जाएगा बारिश का पैटर्न
हालांकि यह तेज बारिश का दौर पूरे मॉनसून में लगातार नहीं रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह के बाद बारिश का मुख्य क्षेत्र हिमालय की तराई की ओर खिसक सकता है. ऐसे में बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश बढ़ने की संभावना है. वहीं मध्य भारत, दक्षिण भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं और केवल छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी.
लोगों के लिए क्या है सलाह?
भारी बारिश वाले राज्यों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव से सावधान रहने और जरूरी काम होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी जा रही है. फिलहाल इतना तय है कि मॉनसून अब पूरे देश में अपनी रफ्तार पकड़ चुका है और आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए तेज बारिश वाले रहने वाले हैं.