केंद्र सरकार ने बीते दिनों 6 राज्यों के लिए बाढ़, आंधी और मोंथा तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अतिरिक्त 1922 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसमें आंध्र प्रदेश के लिए भी राशि को मंजूरी दी गई है. अब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के बाढ़ पीड़ित किसानों, ग्रामीणों को राहत देने के लिए 310 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. राज्य में मॉनसून के दौरान भीषण बारिश के चलते बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंचा था, जबकि, कई किसानों ने पशुहानि के मुआवजे के लिए भी आवेदन किया था. ऐसे पीड़ित किसानों के लिए राज्य सरकार ने सहायता राशि जारी कर दी है.
केंद्र से आंध्र प्रदेश को मिला 341 करोड़ का अतिरिक्त राहत पैकेज
मॉनसूनी बारिश के दौरान भयंकर बाढ़, आंधी और नदियों के उफनाने के साथ ही मोंथा तूफान के चलते कई राज्यों के किसानों, ग्रामीणों को अपनी फसलों, पशुओं, घरों को नुकसान हुआ है. कुछ किसान ऐसे भी थे जिन्हें अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल सकी थी. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्रालय के अनुसार उच्चस्तरीय समिति ने कई राज आंध्र प्रदेश के लिए 341.48 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राहत पैकेज मंजूर किया है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के लिए 15.70 करोड़, गुजरात के लिए 778.67 करोड़, हिमाचल के लिए 288.39 करोड़, नागालैंड के लिए 158.41 करोड़ रुपए और जम्मू-कश्मीर के लिए 330.34 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी गई है.
सीएम बोले – फसल मुआवजा के रूप में 310 करोड़ रुपये जारी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णा जिले के सुरमपल्ली में जनसभा के दौरान कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार कर रही है. उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों को मुआवजे के तौर पर 310 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. बता दें कि राज्य में कई लाख हेक्टेयर में खड़ी धान, कपास, मक्का समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा था.
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47 लाख टन धान खरीद का पैसा भी किसानों को भेजा गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को फसलों के लिए लाभकारी मूल्य देने के लिए 500 करोड़ रुपये का मूल्य स्थिरीकरण कोष भी बनाया गया है. उन्होंने धान खरीद का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 47 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है और यह सुनिश्चित किया है कि किसानों के खातों में 24 घंटे के भीतर भुगतान जमा हो जाए. सीएम ने कहा कि आम, तंबाकू, प्याज, टमाटर और कोको जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को भी सहायता दी गई है. उन्होंने बताया कि जिन किसानों को 1,338 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, उन्हें भी मदद मिली है.
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ఆరుగాలం కష్టపడే అన్నదాతలే మన దేశానికి బలం. రైతు సంక్షేమాన్ని ప్రధమ ప్రాధాన్యంగా తీసుకుని ‘అన్నదాత సుఖీభవ – పీఎం కిసాన్’ పథకాన్ని అమలు చేస్తున్నాం. నేడు 3వ విడతగా 46.85 లక్షల మంది రైతులకు ఒక్కొక్కరికి రూ.6,000 చొప్పున రూ.2,670 కోట్లు… pic.twitter.com/dOz4DJTedP— N Chandrababu Naidu (@ncbn) March 13, 2026
कृषि विकास के लिए इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर बनाने की योजना
कृषि को आधुनिक बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अब तेजी से कृषि तकनीक समाधान अपना रहे हैं. किसान बीज बुवाई के लिए ड्रोन और सब्ज़ियों की खेती के लिए ड्रिप सिंचाई जैसी मॉडर्न तकनीकों को अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है और मूल्य संवर्धन तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मल्लावल्ली में फूड प्रॉसेसिंग यूनिट लगाने की योजना है. इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तर्ज पर एक ‘इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर’ भी स्थापित किया जाएगा, जो किसानों को उत्पादकता और आय बढ़ाने के बारे में मार्गदर्शन देगा.