Trade Deal पर बोले शिवराज- अमेरिका ने कई कृषि उत्पादों पर जीरो किया टैरिफ.. ये खाद्य पदार्थ नहीं आएंगे भारत

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है. संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों, जीएम उत्पादों, दुग्ध उत्पादों और मसालों का आयात प्रतिबंधित रहेगा. इससे किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी और कृषि की शुद्धता बनी रहेगी.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 8 Feb, 2026 | 11:34 AM

India-US Trade Agreement: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं है जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो. सभी संवेदनशील कृषि वस्तुओं को पूरी तरह बाहर रखा गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में किसी भी तरह के जीएम (आनुवंशिक रूप से संशोधित) उत्पादों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह कदम भारतीय कृषि की शुद्धता बनाए रखने, मिट्टी और बीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है. साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अमेरिका ने कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 0 फीसदी कर दिया है. इसके चलते हमारे मसालों का निर्यात 88 फीसदी बढ़ा है और हम 200 देशों में मसाले और मसाले उत्पाद भेज रहे हैं. किसानों को पूरी तरह से टैरिफ में छूट मिली है. इसके अलावा, टेक्सटाइल सेक्टर में हमारा टैरिफ 18 फीसदी है, जो अन्य देशों की तुलना में कम है. इस समझौते से सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाओं की जिंदगी भी बेहतर होगी.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अमेरिका से मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है. इसके अलावा, छिल्का रहित अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत में नहीं आएंगी.

इन उत्पादों का नहीं होगा आयाता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर और कंडेंस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे और चीज का आयात भी नहीं होगा. मसालों में काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, सरसों, राई और अन्य पाउडर मसाले भी भारत में नहीं आएंगे. इससे हमारे किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी.

कृषि एक्सपर्ट ने जताई चिंता

दरअसल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ये बयान किसान संगठनों  और कृषि एक्सपर्ट द्वारा चिंता जाहिर करने के बाद आया है. उन्होंने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ये जानकारियां दीं. उन्होंने कहा कि किसानों और पशुपालकों को चिंता करने की जरूरत हैं. इस समझौते में उनकी हितों को पूरा ख्याल रखा गया है. हमारे लिए अन्नदाता ही सर्वोपरि हैं. इनकी कमाई में इजाफा करना हमारा संकल्प है.

सरवन सिंह पंढेर ने सरकार पर उठाया सवाल

बता दें कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसान संगठन नाराजगी जता रहे हैं. किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल और सरवन सिंह पंढेर ने सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया कि संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को सुरक्षित रखा गया है. उनका कहना है कि मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, दूध, पोल्ट्री, इथेनॉल, तंबाकू और अन्य उत्पादों को लेकर सुरक्षा के दावे जमीनी हकीकत में कमजोर नजर आते हैं. बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि भले ही सरकार सुरक्षा की बात कर रही हो, लेकिन इस समझौते से अमेरिका को भारतीय खाद्य बाजार  में धीरे-धीरे प्रवेश का मौका मिल सकता है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक साबित होगा.

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Published: 8 Feb, 2026 | 09:59 AM
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