CAI ने बढ़ाया कपास उत्पादन का टारगेट, 324 लाख गांठ प्रोडक्शन की उम्मीद.. जानें किस राज्य में कितनी होगी पैदावार

गुजरात में उत्पादन अनुमान 3 लाख गांठ घटाकर 72 लाख गांठ कर दिया गया है, जबकि पहले यह 75 लाख गांठ था. 2024-25 में गुजरात का उत्पादन लगभग 77 लाख गांठ रहा था. कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मध्य प्रदेश में कपास उत्पादन अनुमान 0.5 लाख गांठ घटाकर 17.5 लाख गांठ कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष 2024-25 में यहां उत्पादन 19 लाख गांठ था.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 12 Apr, 2026 | 11:59 AM

Cotton Production: कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025-26 सीजन के लिए कपास उत्पादन अनुमान को थोड़ा बढ़ा दिया है. अब यह अनुमान 324 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) किया गया है, जबकि पहले यह 320.50 लाख गांठ था. वहीं, 2024-25 फसल वर्ष में उत्पादन लगभग 312.40 लाख गांठ रहने का अनुमान है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से महाराष्ट्र में बेहतर उत्पादन के कारण हुई है, जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश में उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है.

कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विनय एन. कोटक और अतुल एस. गणात्रा ने ‘बिजनेसलाइन’ को बताया कि महाराष्ट्र में कपास उत्पादन  का अनुमान बढ़ाकर 105 लाख गांठ कर दिया गया है, जो पहले 98 लाख गांठ था. हालांकि, 2024-25 में महाराष्ट्र का उत्पादन करीब 91 लाख गांठ रहा था. CAI की फसल समिति की बैठक शुक्रवार को हुई, जिसमें 2025-26 सीजन के नए अनुमान तय किए गए. इसमें सभी राज्यों के करीब 21 सदस्यों ने भाग लिया और अपने-अपने राज्यों के आंकड़े प्रस्तुत किए.

गुजरात में 72 लाख गांठ उत्पादन

वहीं गुजरात में उत्पादन अनुमान 3 लाख गांठ घटाकर 72 लाख गांठ कर दिया गया है, जबकि पहले यह 75 लाख गांठ था. 2024-25 में गुजरात का उत्पादन लगभग 77 लाख गांठ रहा था. कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मध्य प्रदेश में कपास उत्पादन अनुमान 0.5 लाख गांठ घटाकर 17.5 लाख गांठ कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष 2024-25 में यहां उत्पादन 19 लाख गांठ था.

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कपास उत्पादन

उत्तर क्षेत्र (पंजाब, हरियाणा और राजस्थान) में कुल उत्पादन लगभग 29 लाख गांठ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 29.55 लाख गांठ से थोड़ा कम है. वहीं मध्य क्षेत्र में 2025-26 के लिए उत्पादन बढ़कर 194.50 लाख गांठ अनुमानित किया गया है, जो पिछले वर्ष 187 लाख गांठ था. बात अगर दक्षिण भारत की करें तो उत्पादन बढ़कर 95 लाख गांठ रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 90 लाख गांठ था. ओडिशा में इस साल उत्पादन 3.5 लाख गांठ अनुमानित है, जो पिछले साल 3.85 लाख गांठ था. अन्य राज्यों में उत्पादन लगभग 2 लाख गांठ पर स्थिर रहने का अनुमान है.

292.74 लाख गांठ कपास मार्केट में आ चुकी है

कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मार्च के अंत तक कुल 292.74 लाख गांठ (170 किलोग्राम प्रति गांठ) कपास बाजार में आ चुकी थी. इसी बीच कपास की कीमतों में तेजी बनी हुई है और यह पहली बार इस सीजन में 60,000 रुपये प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) के स्तर को पार कर गई है. घरेलू बाजार  की कीमतें अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरनेशनल एक्सचेंज पर बढ़ती कीमतों के साथ चल रही हैं, जहां जुलाई डिलीवरी के लिए भाव 73 सेंट प्रति पाउंड से ऊपर पहुंच गए हैं, जो जून 2024 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है.

शुक्रवार को कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने कपास के दाम में 300 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी की. पिछले दो हफ्तों में कंपनी ने कुल मिलाकर करीब 1,400 रुपये प्रति कैंडी और पिछले कुछ महीनों में लगभग 4,500 रुपये प्रति कैंडी तक दाम बढ़ाए हैं.

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Published: 12 Apr, 2026 | 11:58 AM

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