आशा, आंगनबाड़ी और मजदूरों को बड़ी राहत, अब आयुष्मान योजना से मिलेगा 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज

बिहार सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर आशा, आंगनबाड़ी सेविका और पंजीकृत श्रमिकों को बड़ी राहत दी है. इस फैसले से लाखों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे गरीब और मेहनतकश वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत सहारा मिलेगा.

नोएडा | Updated On: 5 Jan, 2026 | 08:45 PM

Bihar Government : गरीब और मेहनतकश परिवारों के लिए इलाज का खर्च हमेशा एक बड़ी परेशानी रहा है. खासकर आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए बीमारी के समय इलाज कराना आसान नहीं होता. इसी परेशानी को समझते हुए बिहार सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. अब आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है, जिससे लाखों कामगार परिवारों को सीधा फायदा मिलने वाला है.

आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ा

बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग  ने मिलकर आयुष्मान भारत योजना का विस्तार किया है. अब इस योजना का लाभ आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका, एसएपीएफ के जवान और भवन निर्माण कर्मकार बोर्ड में निबंधित श्रमिकों को भी मिलेगा. इसके तहत इन सभी लाभार्थियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा. इससे गंभीर बीमारी के इलाज में अब पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी.

17 लाख से ज्यादा कामगारों को होगा फायदा

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीईओ शशांक शेखर के मुताबिक, इस फैसले से राज्य में 17 लाख से अधिक कामगार परिवारों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा. राज्य में आशा, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका से जुड़े करीब 2 लाख 68 हजार 492 परिवार हैं. वहीं, भवन निर्माण कर्मकार बोर्ड में निबंधित कामगारों की संख्या 14 लाख 26 हजार 14 परिवार है. इन सभी को अब स्वास्थ्य बीमा  की सुरक्षा मिल सकेगी.

इलाज का खर्च अब विभाग उठाएगा

इस योजना के तहत अगर कोई पंजीकृत कामगार या लाभार्थी बीमार पड़ता है, तो उसके इलाज का खर्च बीमा के जरिए कवर किया जाएगा. खास बात यह है कि निर्माण श्रमिकों का बीमा श्रम संसाधन विभाग की ओर से कराया जाता है. इलाज के दौरान बीमा राशि  का भुगतान भी विभाग की ओर से किया जाएगा. इससे मजदूरों को अस्पताल में भर्ती होने या बड़े इलाज के समय किसी तरह की आर्थिक चिंता नहीं रहेगी.

लाखों परिवारों को मिलेगा सुरक्षा का भरोसा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आशा, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के कुल लाभार्थियों की संख्या 11 लाख 3 हजार से अधिक है. इन सभी परिवारों को आयुष्मान कार्ड के जरिए देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बिना डर के अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान रख सकेंगे. बिहार सरकार का यह फैसला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे मेहनतकश वर्ग को सम्मान और राहत दोनों मिलेगी.

Published: 6 Jan, 2026 | 06:00 AM

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