मिड्डे मील योजना में 2 हजार करोड़ का घोटाला.. कोरोना के टाइम फर्जी बिल लगाए, 21 पर केस दर्ज

Mid Day Meal Scam: एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने मीडिया को बताया कि विद्यार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कॉन्फेड के माध्यम से कॉम्बो पैक में की गई आपूर्ति में बड़ी गडबड़ियां सामने आई हैं. बड़े स्तर पर हुए इस घोटाले की परतें खोली जा रही हैं और प्रकरण की गहन जांच की जा रही है.

रिजवान नूर खान
नई दिल्ली | Updated On: 9 Jan, 2026 | 01:56 PM

Rajasthan News: स्कूली बच्चों को मिड्डे मील में दी जाने वाली खाद्य वस्तुओं को बेचकर अफसर पैसा खा गए. राजस्थान में मिड्डे मील योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है. जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना के दौरान जब स्कूल बंद रहे तब खाद्य वस्तुएं वितरित करने के लिए नामित सहकारी संस्था कान्फेड ने निजी फर्मों के साथ मिलकर घोटाले को अंजाम दिया है. मामले में जांच एजेंसी ने 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. अभी भी कई संस्थानों में जांच और छापेमारी की प्रक्रिया चल रही है.

राजस्थान के जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मिड्डे मील योजना में बड़े घोटाले का खुलासा किया है. स्कूली बच्चों को खाद्य वस्तुएं वितरित करने वाली राज्य की सहकारी संस्था कान्फेड ने निजी फर्म के साथ मिलकर 2 हजार करोड़ रुपये का घोटाला अंजाम दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घोटाले में परिवहन विभाग के लोग भी शामिल रहे हैं. घोटाले का खुलासा होने के बाद राज्य के खाद्य वितरण विभाग और शिक्षा विभाग और मिड्डे मील से कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.

कोरोना के दौरान 2 हजार करोड़ रुपये हजम कर गए अफसर-कर्मचारी

रिपोर्ट के अनुसार मिड्डे मील योजना में राजस्थान में कोविड महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने की अवधि में करीब 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सहकारी संस्था कॉन्फेड और निजी फर्मो के 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जबकि, कई और संभावित आरोपियों के ठिकानों पर जांच एजेंसी छापेमारी कर रही है.

फर्जी बिल लगाकर सरकारी पैसा उठाया

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने मीडिया को बताया कि विद्यार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कॉन्फेड के माध्यम से कॉम्बो पैक में की गई आपूर्ति में बड़ी गडबड़ियां सामने आई हैं. इसमें कई स्थानों पर वास्तविक आपूर्ति किए बगैर ही फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी भुगतान उठाया गया. एसीबी ने बताया कि इस प्रकरण की गहन जांच की जा रही है.

घोटाले की परतें खुलने के बाद योजना पर निगरानी बढ़ी

राजस्थान में स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का खाना उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (PM POSHAN) चलाई जा रही है. योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषणयुक्त दोपहर का भोजन उपलब्ध कराना और स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना है. बच्चों को नियमित रूप से भोजन देने के लिए राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर बजट और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जाती है. लेकिन, मिड्डे मील योजना में घोटाले की परतें खुलने के बाद से निगरानी बढ़ा दी गई है. योजना के संचालन, फंडिंग, क्वालिटी आदि पर गहन मॉनिटरिंग की जा रही है.

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Published: 9 Jan, 2026 | 01:52 PM

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