बाढ़ प्रभावित 1695 गांवों को बड़ी राहत, अब पुराने लोन चुकाए बिना नया फसल ऋण ले सकेंगे किसान
पंजाब के 1,695 बाढ़-प्रभावित गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिली है. अब वे पुराने फसल ऋण चुकाए बिना नया ऋण ले सकेंगे. आरबीआई के निर्देश पर टर्म लोन पर मोरेटोरियम भी मिलेगा, जिससे करीब तीन लाख किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी.
Punjab News: पंजाब के 1,695 बाढ़-प्रभावित गांवों के किसानों को बड़ी राहत दी गई है. अब ये किसान पुराने फसल ऋण चुकाए बिना नया फसल ऋण ले सकेंगे. इसके अलावा, पिछली खरीफ मार्केटिंग सीजन में लिए गए टर्म लोन पर उन्हें मोरेटोरियम (किस्त चुकाने में अस्थायी राहत) का लाभ भी मिलेगा. इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी बैंकों को निर्देश जारी कर दिए हैं. इन निर्देशों के तहत वे किसान, जिनका लोन खाता 28 अगस्त 2025 तक नियमित था (यही बाढ़/प्राकृतिक आपदा की तिथि मानी गई है), उसी गिरवी रखी जमीन पर और उसी वित्तीय सीमा में नया फसल ऋण ले सकेंगे. इसका उद्देश्य आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद देना है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक पंजाब में 24.40 लाख फसल ऋण खाते थे, जिन पर कुल 64,572.56 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था. हाल की भीषण बाढ़ में राज्य के 23 में से 22 जिलों (फतेहगढ़ साहिब को छोड़कर) की लगभग 4.27 लाख एकड़ फसल को नुकसान हुआ. सबसे ज्यादा नुकसान अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फाजिल्का और फिरोजपुर के किसानों को झेलना पड़ा.
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फसल को 33 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ
पंजाब में नए फसल ऋण के वितरण पर नजर रखने के लिए स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है. SLBC पंजाब के डीजीएम आर.के. मीना ने कहा कि टास्क फोर्स की पहली बैठक बुधवार को होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से करीब तीन लाख किसानों को लाभ मिलेगा. खास बात यह है कि बाढ़ से प्रभावित जिन किसानों ने टर्म लोन लिया था, उन्हें भी राहत दी गई है. जिन किसानों की फसल को 33 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, उनके लोन की किस्त चुकाने की अवधि (मोरेटोरियम) दो साल के लिए बढ़ा दी जाएगी.
10.84 लाख किसानों ने लिया टर्म लोन
वहीं, जिन किसानों को 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें पांच साल का मोरेटोरियम मिलेगा. कुल 10.84 लाख किसानों को दिए गए टर्म लोन की राशि 23,136.64 करोड़ रुपये है. इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित इलाकों में स्थित एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को भी राहत दी जाएगी. अगर इन इकाइयों को बाढ़ में 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, तो उनके टर्म लोन पर भी मोरेटोरियम का लाभ दिया जाएगा. बता दें कि पिछले साल बाढ़ ने पंजाब में भारी तबाही मचाई थी. अधिक बारिश और जलभराव के कारण करीब 4 लाख एकड़ में लगी खरीफ फसल बर्बाद हो गई थी. हालांकि, राज्य और केंद्र सरकार ने किसानों को राहत पैकेज जारी किया था. इसके बावजूद भी किसान घाटे से नहीं उभर पाए हैं.