किसानों का धान हाईब्रिड बीज के नाम पर 25 गुना महंगा बेच रही कंपनी, सरकार एक्शन की तैयारी में

किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि किसानों के धान को ही बीज के रूप में बेचकर किसानों को ठगा जा रहा है. अगर सरकार इस मौन रहती है तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखेबाजी और लूटमार चलने नहीं दी जाएगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 15 Jan, 2026 | 03:10 PM

हरियाणा के किसानों से धान के बीज महंगे दामों पर बेचकर ठगने का मामला सामने आया है. सिरसा जिले में कई किसानों को हाइब्रिड धान के बीज 25 गुना महंगे दाम पर बेचे गए हैं. किसानों ने एक कंपनी पर आरोप लगाया है कि वह किसानों से ज्यादा पैसा वसूल रही है. किसान संगठन भारतीय किसान एकता ने किसानों के साथ बीज के नाम पर लूट होने पर विरोध प्रदर्शन किया है और मुख्यमंत्री के साथ ही कृषि मंत्री को चिट्ठी भेजकर कंपनी पर एक्शन लेने की मांग की है. किसानों ने उम्मीद जताई है और कहा कि सरकार बिक्री करने वाली कंपनी पर एक्शन लेगी.

भारतीय किसान एकता (बीकेई) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि सिरसा के कई गांवों के किसानों को महंगे दामों पर बीज बेचे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि गांव मोरीवाला में किसानों के साथ बैठक की गई, जिसमें किसानों ने कहा कि सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की हाइब्रिड धान सावा 7501, सावा 7301 आदि बीज की किस्मों पर 600 रुपए प्रति किलो एमआरपी दिया गया है. यह धान किसानों से 23,89 रुपये प्रति किलो में खरीदा गया है और उन्हीं किसानों को 600 रुपये में बेचा जा रहा है, जो 25 गुना ज्यादा महंगा है.

किसानों की धान को बीज के नाम पर बेचकर ठगा जा रहा

किसान नेता ने कहा कि किसानों को उन्हीं का धान बीज के नाम पर बेचकर लूटा जा रहा है. इतना ही नहीं कंपनी के कई डीलर एमआरपी से भी ऊपर ब्लैक में धान की इन किस्मों को बेचते हैं. उपरोक्त कंपनी ने पिछले साल हरियाणा में 108 करोड़ रुपए के लगभग 1800 एमटी हाइब्रिड धान का बीज बेचा, लेकिन किसानों की धान की फसल सरकार की ओर से निर्धारित एमएसपी पर भी नहीं बिकती है. अगर एमएसपी पर भी बिकी हुई मान ली जाए तो 1800 एमटी धान की कीमत 4 करोड़ 30 लाख बनती है, जोकि कंपनी ने 108 करोड़ में बीज के रूप में बेची है.

सीएम और कृषि मंत्री को भेजी चिट्ठी में कालाबाजारी पर रोक की मांग

किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और कृषि मंत्री को चिट्ठी भेजी है, जिसमें हरियाणा सरकार अपील की है कि वह बीज कंपनियों की एमआरपी को लेकर मनमर्जी पर अंकुश लगाएं, किसानों के साथ होने वाली लूट व कालाबाजारी को रोकने के लिए सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड व अन्य बीज कंपनियों द्वारा निर्मित हाइब्रिड धान के बीजों को कोऑपरेटिव सोसाइटी व सरकारी बीज बिक्री केंद्रों पर बेचा जाए.

कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

उन्होंने कहा कि सरकार सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों द्वारा किसानों के साथ की जाने वाली लूट व कालाबाजारी को रोकने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करे, ताकि भविष्य में ऐसी कंपनियों की लूट से किसानों को बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि किसानों के धान को ही बीज के रूप में बेचकर किसानों को ठगा जा रहा है. अगर सरकार इस मौन रहती है तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

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