Mandi Bhav: एशिया की सबसे बड़ी मंडी में सस्ता हुआ प्याज, 600 रुपये क्विंटल कीमत.. आंदोलन की चेतावनी

नासिक में प्याज की कीमतें गिरकर 600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ ने केंद्र सरकार पर चुनावी फायदे के लिए दाम गिराने का आरोप लगाया है.

नोएडा | Updated On: 30 Aug, 2025 | 11:44 AM

प्याज की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. महाराष्ट्र के नासिक जिला स्थित एशिया की सबसे बड़ी लासलगांव एपीएमसी प्याज का भाव गिरकर 600 रुपये क्विंटल पर आ गया है. ऐसे में किसानों के बीच काफी नाराजगी है. इसी बीच महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह आने वाले चुनावों को देखते हुए जानबूझकर प्याज के दाम कम रख रही है, जिससे किसान कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. संघ के संस्थापक अध्यक्ष भरत दिघोले ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि सरकार जानबूझकर प्याज की कीमतें गिरा रही है. उन्होंने कहा कि  इसके लिए खरीद बंद कर दी गई है और निर्यात पर रोक लगा दी गई है. साथ ही अनियमित तरीके से आयात लाइसेंस दिए जा रहे हैं.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भरत दिघोले ने आरोप लगाया कि सरकार का मकसद यह है कि बिहार और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों और मुंबई, पुणे सहित महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों से पहले प्याज सस्ते मिलें, ताकि वोटरों को खुश किया जा सके. लेकिन ऐसा करने से किसान कर्ज में डूब रहे हैं. दिघोले ने यह भी कहा कि न तो सत्ताधारी पार्टी और न ही विपक्ष किसानों के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि प्याज सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. लेकिन सरकार इसे राजनीतिक फायदे के लिए बलि का बकरा बना रही है.

उमराना एपीएमसी में प्याज का ताजा रेट

किसानों को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी देते हुए भरत दिघोले ने कहा कि अगर किसानों को निश्चित दाम, सही भंडारण सुविधा और स्थिर निर्यात व्यवस्था नहीं मिली, तो उनका गुस्सा थामना मुश्किल होगा. इस बार किसान चुप नहीं बैठेंगे. हम महाराष्ट्र भर में मिलकर अपनी आवाज उठाएंगे. उन्होंने कहा कि नासिक जिले की उमराना एपीएमसी (कृषि उपज मंडी समिति) में गुरुवार को प्याज की नीलामी में दाम गिरकर सिर्फ 970 रुपये प्रति क्विंटल रह गए. जबकि, लासलगांव एपीएमसी में प्याज के दाम 600 रुपये से 1,906 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहे. जबकि, औसत कीमत 1,350 रुपये प्रति क्विंटल रही.

2,200 रुपये प्रति क्विंटल प्याज की उत्पादन लागत

दिघोले ने पहले बताया था कि प्याज की उत्पादन लागत ही 2,200 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उन्होंने केंद्र सरकार से प्याज का एमएसपी तय करने की मांग की है, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके.

Published: 30 Aug, 2025 | 11:40 AM