Mandi Bhav: प्याज की कीमत में जबरदस्त उछाल, 1000 रुपये क्विंटल बढ़ा रेट.. किसान खुश
10 दिसंबर को प्याज की कीमतों में पहले 500 रुपये की बढ़ोतरी हुई. फिर अगले दिनों में दाम और बढ़े. फिलहाल मंडी में ज्यादातर पुराना प्याज आ रहा है, जबकि नया प्याज करीब 15 दिन बाद आने की उम्मीद है.
Onion Price Hike: कर्नाटक के प्याज किसानों के लिए राहतभरी खबर है. प्याज की कीतमों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है. खास कर बेलगावी की एपीएमसी में प्याज के दाम अचानक बढ़ गए हैं. पिछले चार दिनों में कीमतें कुल 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक चढ़ गई हैं. इसकी मुख्य वजह बांग्लादेश को निर्यात बढ़ना और मंडी में आवक कम होना है. ऐसे में व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं, किसान कीमतों में बढ़ोतरी से खुश हैं. उन्हें उम्मीद है कि अगर आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ती हैं, तो उन्हें कुछ हद तक फायदा हो सकता है.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 दिसंबर को प्याज की कीमतों में पहले 500 रुपये की बढ़ोतरी हुई. फिर अगले दिनों में दाम और बढ़े. फिलहाल मंडी में ज्यादातर पुराना प्याज आ रहा है, जबकि नया प्याज करीब 15 दिन बाद आने की उम्मीद है. शनिवार को महाराष्ट्र का छोटा प्याज 2,000 रुपये से 2,500 रुपये, मध्यम 2,500 रुपये से 3,200 रुपये और बड़ा प्याज 3,200 रुपये से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल बिका.
सफेद प्याज का कितना है रेट
वहीं, सफेद प्याज 4,500 रुपये से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल रहा. कर्नाटक का पुराना प्याज 1,500 रुपये से 3,000 रुपये में बिका. जबकि कोलार से आए नए प्याज का एक ट्रक 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका. व्यापारी बालू पाटिल के मुताबिक, कम आवक और ज्यादा निर्यात की वजह से प्याज के दाम बढ़े हैं.
अलवर की मंडियों में प्याज की आवक बढ़ी
हालांकि, बेलगावी के ठीक उलट राजस्थान के अलवर जिले की प्याज मंडियों में इन दिनों प्याज की आवक बढ़ गई है. पिछले दो महीनों में यहां करीब 12 लाख से ज्यादा कट्टों की आवक हो चुकी है. शुक्रवार को ही मंडी में 50 हजार प्याज के कट्टे पहुंचे, जिससे बाजार में अच्छी रौनक रही. अच्छी बात यह है कि बॉर्डर खुलने के बाद अलवर का प्याज बांग्लादेश भेजा जा रहा है, वहीं नेपाल में भी इसकी मांग बढ़ी है. हालांकि इस बार ट्रेन से सप्लाई नहीं हो पाई.
इन राज्यों में हो रही प्याज की सप्लाई
अलवर के प्याज की देशभर में अच्छी डिमांड है. उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, असम, बिहार, बंगाल, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में इसकी सप्लाई हो रही है. बंगाल के रास्ते प्याज बांग्लादेश भी पहुंच रहा है. इसी वजह से किसानों को आमतौर पर अच्छे दाम मिलते हैं और प्याज की खेती का रकबा बढ़ रहा है. इस बार क्वालिटी कमजोर रहने से शुरुआत में मांग कम रही, लेकिन अब मांग भी बढ़ी है और दाम भी. पहले प्याज के भाव 200 से 500 रुपये प्रति 40 किलो थे, जो अब बढ़कर 300 से 850 रुपये प्रति 40 किलो तक पहुंच गए हैं.