गेहूं उठान में देरी ने बढ़ाई टेंशन, मंडियों में 1 किलो तक कम हुआ बोरियों का वजन

फाजिल्का में गेहूं खरीद के बाद उठान धीमी है, जिससे मंडियों में बोरियां पड़ी हैं. तेज गर्मी से नमी घटने के कारण वजन कम हो रहा है. आढ़तियों को आर्थिक नुकसान का डर है. अब तक केवल 56 प्रतिशत उठान हुई है और लाखों रुपये की गेहूं खुले में पड़ी है. स्थिति से किसानों में चिंता लगातार बढ़ रही है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 11 May, 2026 | 03:11 PM

Punjab Wheat Procurement: पंजाब के फाजिल्का जिले में खरीदी के बाद गेहूं की सही तरीके से उठान नहीं हो पाई है. अभी भी भारी संख्या में गेहूं की बोरियां मंडियों में पड़ी हुई हैं. इससे गेहूं की बोरियों का वजन कम होने लगा है. ऐसे में किसानों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. उन्हें नुकसान का डर सता रहा है. दरअसल, तेज गर्मी और करीब 40 डिग्री सेल्सियस तापमान की वजह से गेहूं में मौजूद नमी कम हो रही है, जिससे बोरियों का वजन घट रहा है.

सीजन शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद अब तक केवल 56 फीसदी गेहूं की ही उठान हो पाई है. वहीं फाजिल्का अनाज मंडी में करीब 7 लाख रुपये मूल्य की गेहूं की बोरियां अभी भी खुले में पड़ी हुई हैं. मार्केट कमेटी के अनुसार,  फाजिल्का की मंडियों में अब तक 74,926 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है. लेकिन सीजन शुरू हुए एक महीना बीतने के बाद भी शनिवार तक केवल 42,054 मीट्रिक टन यानी करीब 56 फीसदी गेहूं की ही उठान हो पाई है.

बोरियों का वजन 1 किलो तक कम

आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गोल्डी सचदेवा और सचिव अमन क्वात्रा ने ‘द ट्रिब्यून’ को कहा कि जब गेहूं की बोरियां  भरी गई थीं, तब उनमें नमी करीब 12 फीसदी थी, जो अब घटकर लगभग 9 फीसदी रह गई है. नमी कम होने की वजह से हर 50 किलो की बोरी में करीब 1 किलो वजन की कमी आ रही है.  संजीव गोल्डी सचदेवा ने कहा कि पिछले वर्षों में बोरियों के वजन में कमी से होने वाला नुकसान आढ़तियों को खुद उठाना पड़ता था. अगर वे इस कमी की भरपाई करने से मना करते थे, तो उनके भुगतान रोक दिए जाते थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था. उन्होंने कहा कि पिछले साल भी आढ़तियों को घाटा हुआ था, लेकिन इस बार उन्होंने इसका मजबूती से विरोध करने का फैसला किया है.

गेहूं की भरी बोरियां खराब हो गईं

आढ़तियों ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह हुई बारिश के कारण खुले में रखी गेहूं की भरी बोरियां खराब हो गई थीं. वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में जिले में फिर बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों और व्यापारियों  की चिंता और बढ़ गई है. गेहूं की उठान में देरी की सबसे बड़ी वजह ट्रकों की कमी बताई जा रही है. किसानों और आढ़तियों का आरोप है कि ठेकेदार समय पर पर्याप्त संख्या में ट्रक उपलब्ध नहीं करा पाए, जिसके कारण मंडियों से गेहूं की उठान प्रभावित हुई. वहीं इस मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वंदना कंबोज से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.

पंजाब में गेहूं खरीदी

कल खबर सामने आई थी कि पंजाब में इस साल गेहूं की खरीद  ने सरकार के तय किए गए लक्ष्य को पार कर लिया है. हालांकि, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस बार कुल खरीद थोड़ी कम रही है. इस बार सरकारी एजेंसियों ने खरीद प्रक्रिया में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे निजी व्यापारियों की कम भागीदारी का असर भी संतुलित हो गया. प्रदेश में 6 मई तक कुल 122.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है.

 

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Published: 11 May, 2026 | 03:04 PM
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