राजस्थान बजट 2026: आम आदमी पर फोकस, पानी से लेकर रोजगार तक सरकार ने किए बड़े ऐलान

राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में पानी हमेशा सबसे बड़ा मुद्दा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए बजट 2026 में पाइप पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है. सरकार ने ऐलान किया है कि पेयजल ऑपरेशन और रखरखाव के लिए 3000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 11 Feb, 2026 | 12:24 PM

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों को केंद्र में रखते हुए कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं. इस बजट का फोकस सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पेयजल, रोजगार, आय बढ़ोतरी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए राज्य को आने वाले वर्षों के लिए तैयार करने की कोशिश साफ दिखाई देती है. डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राजस्थान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और लोगों की जिंदगी को आसान करना है.

पेयजल व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत

राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में पानी हमेशा सबसे बड़ा मुद्दा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए बजट 2026 में पाइप पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है. सरकार ने ऐलान किया है कि पेयजल ऑपरेशन और रखरखाव के लिए 3000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी. इससे एक ओर जलापूर्ति व्यवस्था सुधरेगी, तो दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.

पिछले साल जहां 1050 अधिकारी और कर्मचारियों की संविदा पर तैनाती की गई थी, अब उसी को बढ़ाकर 3000 किया जा रहा है. वित्त मंत्री ने बताया कि पानी की सप्लाई समय पर और बिना रुकावट हो, इसके लिए आईटी तकनीक का सहारा लिया जाएगा.

लखपति दीदी योजना की ऋण सीमा बढ़ी

सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है. इसी क्रम में महिला उद्यमिता को और मजबूत करने के लिए लखपति दीदियों को ब्याज अनुदान पर मिलने वाले ऋण की सीमा बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है. इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए जिला स्तर पर रूरल विमेन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे, जिस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

जल प्रबंधन होगा डिजिटल, ERP सिस्टम लागू

सरकार ने जल सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. इसके जरिए जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी, रखरखाव और मरम्मत का काम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा.
इससे यह पता चल सकेगा कि किस इलाके में पानी की सप्लाई में दिक्कत है, कहां लीकेज है और किस योजना पर कितना खर्च हो रहा है. सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी से पानी की बर्बादी रुकेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा.

राजस्थान स्टेट वॉटर पॉलिसी का ऐलान

बजट 2026 में सरकार ने राजस्थान स्टेट वॉटर पॉलिसी लाने का भी ऐलान किया है. इस नीति का मकसद केवल घरों तक पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि पेयजल, रॉ वॉटर और ट्रीटेड वॉटर के सही उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम बनाना है.
इसके तहत आम लोगों को सुरक्षित पीने का पानी मिलेगा और औद्योगिक इकाइयों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी.

पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए राज्यभर में मोबाइल वॉटर टेस्टिंग लैब चलाई जाएंगी, ताकि अलग-अलग इलाकों में मौके पर ही पानी की जांच हो सके.

आमदनी बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य

डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में एक बड़ा आर्थिक लक्ष्य भी रखा है. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्थान की औसत प्रति व्यक्ति सालाना आय 2 लाख रुपये से ज्यादा करने का लक्ष्य है.
इसके लिए सरकार रोजगार सृजन, उद्योगों को बढ़ावा, कृषि विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर फोकस करेगी. सरकार का मानना है कि जब आय बढ़ेगी तो लोगों की जीवनशैली अपने आप बेहतर होगी.

आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 323 करोड़ की बड़ी सौगात

राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने के लिए अहम घोषणा की है. प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराया जाएगा. इसके तहत खेल-खेल में सीखने वाली सामग्री, शैक्षणिक किट और जरूरी संसाधन दिए जाएंगे. इस पूरी योजना के लिए सरकार ने 323 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. सरकार का मानना है कि इस पहल से आंगनबाड़ी केंद्र आधुनिक बनेंगे और छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा और विकास को नई दिशा मिलेगी.

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का विस्तार

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर बड़ा जोर दे रही है. इस योजना में एक लाख युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा, जिस पर 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान और मार्जिन मनी अनुदान की सुविधा मिलेगी. इसके लिए बजट में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रस्तावित की गई है. चालू वित्त वर्ष में इस योजना के जरिए करीब 30 हजार युवाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे अपना खुद का काम शुरू कर सकें और रोजगार के नए अवसर पैदा हों.

सड़क और परिवहन ढांचे पर 1800 करोड़ का खर्च

बजट 2026 में सड़क और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर खर्च का ऐलान किया गया है. कुल 1800 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) से जुड़े काम होंगे.

नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों को जोड़ने के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा अगले साल 250 अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे, जिन पर करीब 500 करोड़ रुपये की राशि लगेगी.

बारिश से टूटी सड़कों की होगी मरम्मत

हर साल मानसून के बाद सड़कों की हालत खराब हो जाती है. इसे देखते हुए सरकार ने 500 करोड़ रुपये सिर्फ बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलियों की मरम्मत के लिए अलग से रखे हैं. इससे गांवों से लेकर शहरों तक आवागमन आसान और सुरक्षित होगा.

विकास और सुविधाओं का संतुलित बजट

राजस्थान बजट 2026 साफ तौर पर यह संकेत देता है कि सरकार ने पानी, आय, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ जोड़कर विकास की रणनीति बनाई है. पेयजल व्यवस्था में सुधार, डिजिटल सिस्टम, सड़क नेटवर्क और आमदनी बढ़ाने के लक्ष्य के साथ यह बजट आने वाले वर्षों में राज्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है.

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Published: 11 Feb, 2026 | 12:00 PM

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