UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि हो रही है और वर्ष 2025-26 तक इसके 1.20 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश गेहूं और आलू उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है और कृषि उत्पादन में भी प्रदेश नंबर वन बना हुआ है.
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. इस दौरान उन्होंने कृषि एक्सपोर्ट हब बनाए जाने की भी घोषणा की. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों को लाभ पहुंचाया गया है और गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में छह करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, जो सरकार की नीतियों का परिणाम है.
इन फसलों के उत्पादन में यूपी आगे
9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है. प्रदेश गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक योगदान दे रहा है. सरकार के मुताबिक, सिंचित क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वर्ष 2016-17 में जहां सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वह बढ़कर वर्ष 2024-25 में करीब 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है. इसी अवधि में फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो कृषि क्षेत्र में बढ़ती उत्पादकता को दर्शाता है.
गन्ना किसानों को 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में गन्ना किसानों को 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान कराया है. यह राशि पिछले 22 वर्षों में हुए कुल 2,13,519 करोड़ रुपये के भुगतान से भी 90,802 करोड़ रुपये अधिक है. उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा.
10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
इसके साथ ही सरकार ने अन्य फसलों की खरीद में भी तेजी दिखाई है. रबी विपणन वर्ष 2025-26 में 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर किसानों को 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर 9,710 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को दी गई. इसके अलावा 54,253 किसानों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. सरकार का दावा है कि इन कदमों से किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है.