उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले बजट की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है. खास बात यह है कि इस बजट में सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जमकर पैसा खर्च किया है. इसके लिए कई योजनाओं का भी ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया है कि बेटियों की शादी के लिए सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. साथ ही मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
दरअसल, सरकार ने निर्धन वर्ग की बेटियों की शादी के लिए भी बजट में विशेष व्यवस्था की है. आरक्षित निर्धन वर्ग की बेटियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये और सामान्य निर्धन वर्ग की बेटियों की शादी के लिए 50 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से बेटियों की शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. वहीं, बजट में मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. चुनावी साल को देखते हुए सरकार ने इस योजना को तेजी से लागू करने का संकेत दिया है.
बजट में सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर
राज्य सरकार का कहना है कि इस बजट में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है. साथ ही बजट में महिला गन्ना किसानों को भी खुशखबरी दी गई है. सरकार ने मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को तेजी से लागू करने का फैसला किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्राओं को इसका लाभ मिल सके.
गन्ना आपूर्ति और भुगतान में सुविधा मिल रही है
साथ ही इस बजट में राज्य सरकार ने कहा कि महिला सामर्थ्य योजना के तहत प्रदेश में पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां गठित की जानी थीं. इनमें से गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में कंपनियों का गठन हो चुका है और वहां दुग्ध संग्रहण व विपणन का काम शुरू हो गया है. वहीं प्रयागराज और लखनऊ में भी ऐसी कंपनियों के गठन की प्रक्रिया प्रस्तावित है. इसके अलावा, महिला गन्ना किसानों को पर्ची जारी करने में प्राथमिकता दी जा रही है. इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश की करीब 60 हजार महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है, जिससे उन्हें समय पर गन्ना आपूर्ति और भुगतान में सुविधा मिल रही है.
1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है
सरकार ने अपने गांव और घर से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों की सुविधा के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराने का फैसला किया है. इन अड्डों पर श्रमिकों को बुनियादी सुविधाएं और काम से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी. ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के लिए एक्स-ग्रेशिया अनुदान योजना भी लागू है. इसके तहत किसी दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है.