सब्जियों की कीमतों में तेज उछाल, खाद्य महंगाई बढ़ने की चिंता.. प्याज 11 फीसदी महंगा

देश में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा गई है. पिछले एक महीने में टमाटर 18 फीसदी, प्याज 11 फीसदी और आलू 1.3 फीसदी महंगा हुआ है. भीषण गर्मी, बेमौसम बारिश और आपूर्ति में कमी को कीमतों में उछाल की मुख्य वजह माना जा रहा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 2 Jul, 2026 | 08:25 AM

Retail Inflation: देश में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में इन तीनों सब्जियों की कुल हिस्सेदारी 1.75 प्रतिशत है, इसलिए इनके दाम बढ़ने का असर महंगाई पर भी पड़ सकता है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में टमाटर की औसत खुदरा कीमत में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, प्याज के दाम 11 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि आलू की कीमतों में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टमाटर 60 से 70 रुपये किलो, प्याज 30 से 35 रुपये किलो और आलू 20 से  25 रुपये किलो बिक रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रमुख सब्जियों के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की रसोई  का बजट प्रभावित हो सकता है और खाद्य महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में टमाटर और प्याज की कीमतों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एक साल में टमाटर के दाम 25 प्रतिशत बढ़ गए हैं, जबकि प्याज 3.3 प्रतिशत महंगा हुआ है. हालांकि, आलू के मामले में उपभोक्ताओं को राहत मिली है. आलू की कीमतें पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में करीब 17 प्रतिशत कम बनी हुई हैं.

बिहार में 50 फीसदी महंगा हुआ टमाटर

एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं. वहीं, दिल्ली में टमाटर के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है और बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं. प्याज की कीमतों में भी कई राज्यों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसकी वजह बेमौसम बारिश  को बताया जा रहा है, जिससे भंडारित प्याज की गुणवत्ता प्रभावित हुई और बाजार में उपलब्धता कम हुई.

कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव

जानकारों के अनुसार, मॉनसून के दौरान टमाटर और प्याज की कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव आम बात है. हालांकि, इस बार अल नीनो से जुड़ी भीषण गर्मी और बारिश में देरी का सबसे ज्यादा असर टमाटर की फसल पर पड़ा है, जिसके चलते इसके दाम तेजी से बढ़े हैं. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में प्याज, टमाटर और आलू की कुल हिस्सेदारी 1.75 प्रतिशत है, इसलिए इनके दामों में बढ़ोतरी का असर सीधे खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है.

क्यों महंगा हो रहा है टमाटर

आजादपुर प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक के मुताबिक, अत्यधिक तापमान से टमाटर की आवक  कम हुई है.  साथ ही, लंबी दूरी तक इसकी ढुलाई भी मुश्किल हो गई है, क्योंकि गर्मी के कारण टमाटर जल्दी खराब हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों से दिल्ली आने वाली टमाटर की खेप भी घट गई है, जिससे राजधानी में आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

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Published: 2 Jul, 2026 | 08:19 AM

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