हर खेत को पानी देने के लिए 620 करोड़ की मंजूरी, सिंचाई रकबा दोगुना होकर 100 लाख हेक्टेयर के पार होगा

मध्यप्रदेश सरकार ने सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने के लिए नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है. मैहर और कटनी की योजनाओं के साथ नदी जोड़ो परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है. इन योजनाओं से लाखों हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

नोएडा | Published: 5 Feb, 2026 | 02:04 PM

Irrigation Project : खेती की सबसे बड़ी जरूरत पानी होती है. जब खेत तक समय पर पानी पहुंचता है, तो फसल भी अच्छी होती है और किसान की कमाई भी बढ़ती है. मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है. नई योजनाओं और नदी जोड़ो परियोजनाओं के जरिए लाखों हेक्टेयर जमीन को सिंचाई से जोड़ने की तैयारी है. सरकार ने 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. इन फैसलों से आने वाले वर्षों में किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.

परियोजनाओं से हजारों किसानों को फायदा

कैबिनेट बैठक में मैहर और कटनी जिले की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं  को मंजूरी दी गई है. धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना के लिए करीब 53 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है. इससे लगभग 3500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 9 गांवों के करीब 2810 किसान लाभान्वित होंगे इसी तरह कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 566 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी मिली है. इस योजना से करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव होगी और 27 गांवों के लगभग 11,500 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. इन योजनाओं से खेती आसान होगी और उत्पादन बढ़ने की संभावना है.

मध्यप्रदेश सरकार

तीन साल में कितना बढ़ेगा सिंचाई का रकबा

मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य अगले 3 सालों में सिंचाई का क्षेत्र 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करना है. इसके लिए 21 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बनाई गई है. जब ज्यादा खेतों तक पानी पहुंचेगा, तो किसान एक से अधिक फसल ले सकेंगे. इससे खेती पर निर्भर  परिवारों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

नदी जोड़ो परियोजनाओं से बदलेगी खेती की तस्वीर

मध्य प्रदेश में कई नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम चल रहा है. केन-बेतवा राष्ट्रीय परियोजना  से लगभग 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई बढ़ेगी और 10 जिलों को फायदा मिलेगा. पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से भी लाखों हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा और हजारों गांवों की आबादी को लाभ होगा. इसके अलावा केन और मंदाकिनी नदी को जोड़ने सहित कई अन्य परियोजनाओं की तैयारी चल रही है. इन योजनाओं से पानी की कमी वाले क्षेत्रों में खेती आसान हो जाएगी.

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से किसानों को बारिश पर कम निर्भर रहना पड़ेगा. समय पर पानी मिलने से फसल की पैदावार बेहतर  होगी और नुकसान कम होगा. नदी जोड़ो और नई सिंचाई परियोजनाएं खेतों तक पानी पहुंचाने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी

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