छोटे झींगा पालकों की बढ़ेगी इनकम, समस्याओं को दूर करने के लिए शुरू की गई नई पहल

आंध्र प्रदेश में छोटे झींगा किसानों की आय बढ़ाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने के लिए कम्युनिटी एक्शन प्लान (CAP) शुरू किया गया है. 2026-31 की इस योजना के तहत 1,200 से अधिक किसानों को जोड़ा गया है. इसमें पंजीकरण बढ़ाने, FPO मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण बीज-चारा उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 28 Jun, 2026 | 07:15 AM

Shrimp Farming: आंध्र प्रदेश में छोटे झींगा (श्रिम्प) पालकों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है. इसके तहत मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े कई हितधारकों ने मिलकर किसानों के नेतृत्व वाला ‘कम्युनिटी एक्शन प्लान’ (CAP) तैयार किया है. इस योजना का उद्देश्य किसानों की आजीविका बेहतर बनाना, बीमारियों पर नियंत्रण मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और बिचौलियों पर निर्भरता कम करना है. यह पांच वर्षीय रोडमैप (2026-31) कृष्णा-गोदावरी डेल्टा क्षेत्र में झींगा पालन से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित है. योजना तैयार करने से पहले झींगा किसानों, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों और सामुदायिक नेताओं से व्यापक चर्चा की गई. इस पहल को फिशवाइज, मॉन्टेरी बे एक्वेरियम, आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय, एसमार्ट, मैरीटेक और एग्रीकल्चरल एंड सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी के सहयोग से तैयार किया गया है.

यह कार्ययोजना आंध्र प्रदेश के प्रमुख जलीय कृषि क्षेत्रों में किसानों और अन्य हितधारकों के साथ कई दौर की बैठकों और चर्चाओं के बाद तैयार की गई है. इस प्रक्रिया के दौरान आयोजकों ने सीधे झींगा किसानों से संवाद किया और छह प्रमुख झींगा पालन  क्षेत्रों में किसान समूह बनाए. इन क्षेत्रों में कृष्णा जिले के कैकालूरु और मंडवल्ली, पूर्व पश्चिम गोदावरी जिले के वीरवासरम तथा पूर्व पूर्वी गोदावरी जिले के राजोल, मलिकीपुरम और सखिनेटिपल्ली शामिल हैं. इस पहल के जरिए अब तक 1,200 से अधिक झींगा किसानों को एक साझा मंच पर जोड़ा गया है, ताकि वे अपनी समस्याओं और जरूरतों को मिलकर उठा सकें और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास कर सकें.

समूह से करीब 1,200 किसान जुड़े हैं

एग्रीकल्चरल एंड सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी के संस्थापक निदेशक यू. गांधी बाबू ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि इस पहल का उद्देश्य झींगा किसानों को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में लाना और उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करना है. उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को समझने के लिए कई बैठकों का आयोजन किया गया. इसके बाद छह मंडलों में किसान समूह बनाए गए, जिनसे करीब 1,200 किसान जुड़े हैं. गांधी बाबू ने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाना, उन्हें सरकारी सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना तथा झींगा पालन करने वाले परिवारों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है.

तीन बड़ी समस्याओं की पहचान की गई है

कम्युनिटी एक्शन प्लान में झींगा पालन क्षेत्र की तीन बड़ी समस्याओं की पहचान की गई है. इनमें किसानों के बीच एकजुटता की कमी, बीज और चारे (फीड) की गुणवत्ता को लेकर चिंता तथा खराब पानी की गुणवत्ता  और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण बार-बार फैलने वाली बीमारियां शामिल हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इन समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब किसान मिलकर काम करें और पूरे उत्पादन तंत्र में समन्वित प्रयास किए जाएं.

योजना का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य छोटे किसानों का पंजीकरण बढ़ाना भी है. वर्तमान में जागरूकता की कमी और जटिल प्रक्रियाओं के कारण कई किसान औपचारिक पंजीकरण प्रणाली से बाहर हैं. इसके चलते वे सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, बीमा सुविधाओं और संस्थागत ऋण का लाभ नहीं उठा पाते. नई पहल के जरिए अधिक से अधिक किसानों को पंजीकृत कर उन्हें सरकारी सहायता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

80 प्रतिशत छोटे झींगा फार्मों का वैध पंजीकरण कराया

योजना के तहत झींगा किसानों का पंजीकरण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है, क्योंकि पंजीकरण  से उत्पाद की ट्रेसबिलिटी बेहतर होती है और किसानों को बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है. कम्युनिटी एक्शन प्लान का लक्ष्य है कि वर्ष 2031 तक लक्षित मंडलों में कम से कम 80 प्रतिशत छोटे झींगा फार्मों का वैध पंजीकरण कराया जाए. इसके अलावा, किसानों की सौदेबाजी क्षमता बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने के लिए किसान समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा गया है. क्लस्टर आधारित मॉडल के जरिए किसान मिलकर बेहतर गुणवत्ता के बीज और चारा खरीद सकेंगे, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकेंगे, वित्तीय मदद हासिल कर सकेंगे और बाजार से मजबूत जुड़ाव बना सकेंगे.

 

 

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Published: 28 Jun, 2026 | 06:00 AM

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