खेती में नवाचार लाने और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करने के लिए रीजनल कान्फ्रेंस का ऐलान किया गया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रीजनल कॉन्फ्रेंस की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बता दें कि रीजनल कॉन्फ्रेंस कराने के लिए 5 जोन बांटे गए हैं और हर जोन में रीजनल कॉन्फ्रेंस कराई जानी है. कॉन्फ्रेंस में किसानों की कमाई बढ़ाने और खेती को विस्तार देने के साथ ही आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल करने के अलावा फसल उत्पादन बढ़ाने के उपायों और रणनीति पर केंद्र और राज्य स्तरीय रोडमैप जारी होगा. कृषि मंत्री ने बताया कि 11 से 13 अप्रैल तक मध्य प्रदेश में कृषि मेला लगेगा, जिसमें वह पहुंचेंगे और राज्यों के मंत्रियों से भी हिस्सा लेने की अपील की है. वहीं, राज्यों को रबी सीजन की फसलों की एमएसपी पर खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं.
रीजनल कॉन्फ्रेंस के लिए देश के सभी राज्यों को 5 जोन में बांटा गया
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीफ की फसल के लिए हम जोनल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहे हैं. अभी तक यह होता था कि एक ही खरीफ और रबी कॉन्फ्रेंस होती थी. अब हमने तय कि है कि जोनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाए, ताकि व्यापक पैमाने कृषि विकास और किसान उन्नति पर चर्चा हो सके. इसके लिए देश के सभी राज्यों को 5 जोन में बांटा गया है.
रीजनल कॉन्फ्रेंस की तारीखों का ऐलान
कृषि मंत्री ने कहा कि 7 अप्रैल को जयपुर में पश्चिम West Zone की कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद 17 अप्रैल को लखनऊ में North Zone की रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को भुवनेश्वर में East Zone की जोनल कॉन्फ्रेंस होगी. कृषि मंत्री ने बताया कि विधानसभा चुनाव के कारण South Zone और North East Zone की बैठकों की तारीख जल्द ही तय की जाएगी. मेरा सभी कृषि मंत्रीगणों से आग्रह है कि वे बैठक में पर्याप्त समय लेकर आएं, ताकि विषयों पर गहन और प्रभावी चर्चा हो सके.
11 से 13 अप्रैल तक मध्य प्रदेश के कृषि मेला में जाएंगे कृषि मंत्री
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी 11, 12 और 13 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रायसेन में ‘राष्ट्रीय कृषि मेला’ का आयोजन किया जा रहा है. मेरा सभी माननीय कृषि मंत्रियों से आग्रह है कि वे इसमें कम-से-कम एक दिन अवश्य सहभागिता करें. मैं स्वयं भी वहां उपस्थित रहूंगा. कृषि मंत्री ने कहा कि यह मेला एक ‘मॉडल कृषि मेला’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है. इसमें विभिन्न कृषि तकनीकों और नवाचारों के डिमॉन्स्ट्रेशन किए जाएंगे.
एमएसपी पर किसान का हर दाना खरीदेगी सरकार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रबी फसल का उत्पादन इस वर्ष बंपर हुआ है. गेहूं और धान की खरीदी शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही तुअर, मसूर और उड़द की भी पूरी खरीदी की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसान जितनी उपज बेचना चाहेंगे, हम खरीदेंगे. किसानों की उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने के निर्देश दिए हैं. MSP पर सुचारु खरीदी कराई जाएगी. ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश एमएसपी से कम भाव मिलने पर किसानों को भावांतर योजना के तहत अंतर राशि का भुगतान गया है. अब सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल किया गया है.
हर फसल का राज्य और केंद्रीय रोडमैप बनाने का निर्देश
उन्होंने आगे कहा कि खरीफ की फसल की तैयारी के लिए पहले हम एक ही बैठक करते थे लेकिन अब हम रीजनल कॉन्फ्रेंस करेंगे. अभी हमने 3 रीजनल कॉन्फ्रेंस करने का तय किया है. इसमें अधिकारियों के साथ-साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, सफल किसान, किसान उत्पादक संगठन भी भाग लेंगे. ताकि हम खरीफ की फसल की ढंग से रणनीति और योजना बना सकें. हम हर फसल का रोडमैप बनाएंगे. यह रोडमैप राज्य और केंद्रीय स्तर पर बनाया जाएगा.