Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में अल नीनो के असर से कमजोर मानसून और सूखे की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट हो गई है. सरकार ने सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं और आपदा प्रबंधन के लिए 479.01 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इसके अलावा, भविष्य में आपदा के जोखिम को कम करने वाली परियोजनाओं के लिए 521.17 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है.साथ ही सरकार ने आपदा से निपटने के लिए राज्य और जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम शुरू करने का फैसला किया है.
राज्य सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य आपदा आने के बाद राहत देने के बजाय पहले से तैयारी करना, सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना और समय पर लोगों को चेतावनी जारी कर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. आंध्र प्रदेश में इस साल मानसून की कमजोर शुरुआत से सूखे का खतरा बढ़ गया है. राज्य में जून में सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई, जबकि जुलाई में अब तक 40 फीसदी से ज्यादा बारिश की कमी रही है.
105 मंडलों को गंभीर सूखे की आशंका
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का अनुमान है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पूरे मानसून सीजन के अंत तक करीब 27 फीसदी बारिश की कमी रह सकती है. इससे राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात पैदा होने की आशंका है. सरकार ने पहले ही 105 मंडलों को गंभीर सूखे की आशंका वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है. वहीं, 208 मंडलों में मध्यम स्तर के सूखे की संभावना जताई गई है. सबसे ज्यादा असर श्री सत्य साई, अनंतपुर और अन्नामय्या जिलों में पड़ने की आशंका है. इसके अलावा कुर्नूल, नंद्याल, चित्तूर, कडप्पा, तिरुपति, प्रकाशम, मार्कापुरम और नेल्लोर के कई इलाकों में भी पानी की कमी की स्थिति बन सकती है.
किसानों से DSR तकनीक अपनाने की अपील
आंध्र प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि संभावित सूखे को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए. साथ ही बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. सरकार डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR), सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसिफिकेशन (SRI) और प्राकृतिक खेती जैसी कम पानी वाली खेती को बढ़ावा देगी. किसानों को मौसम के अनुसार नियमित सलाह भी दी जाएगी, ताकि वे समय पर खेती से जुड़े फैसले ले सकें.
24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित करने का फैसला
सरकार ने आपदा से निपटने के लिए राज्य और जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम शुरू करने का फैसला किया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD), आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) और रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (RTGS) की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियां एसएमएस, व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाई जाएंगी. इसके अलावा सरकार ने पेयजल, पशुपालन, मत्स्य पालन और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियां भी तेज कर दी हैं. संवेदनशील गांवों में पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति, पशुओं के लिए चारा और पशु चिकित्सा सेवाएं, मछुआरों के लिए समय पर समुद्री मौसम की चेतावनी तथा अस्पतालों में दवाएं, ओआरएस और आईवी फ्लूइड का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.