मखाना ही नहीं, लीची के साथ इन चीजों की खेती में भी बिहार बना देश का नंबर वन राज्य
बिहार की खेती अब सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं रही. मखाना, लीची, आम, आलू और शहद जैसी फसलों में राज्य ने देश में टॉप रैंक हासिल किया है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि बिहार तेजी से हॉर्टिकल्चर और एग्री-बिजनेस का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है.
Bihar Horticulture : अगर आज भी कोई यह सोचता है कि बिहार की पहचान सिर्फ धान और गेहूं तक सीमित है, तो उसे अपनी सोच बदलने की जरूरत है. बिहार अब खेतों से सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि मखाना, लीची, आम, आलू और शहद जैसी सोने की फसलें उगा रहा है. सरकारी आंकड़े साफ बताते हैं कि बिहार देश के हॉर्टिकल्चर मैप पर चमकता सितारा बन चुका है. कई फसलों में बिहार ने देशभर में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर लिया है.
मखाना और लीची- बिहार की पहचान, देश का स्वाद
बिहार की मिट्टी में कुछ खास बात है. यही वजह है कि देश का 85 फीसदी से ज्यादा मखाना अकेले बिहार में पैदा होता है. मखाना उत्पादन में बिहार पूरे देश में नंबर-1 है. वहीं, शाही लीची की बात करें तो उसकी मिठास देश ही नहीं, विदेशों तक मशहूर है. भारत की 40 फीसदी से ज्यादा लीची बिहार के बागानों से आती है. यानी जब भी आप मखाना खाएं या लीची का स्वाद लें, तो समझिए कि उसमें बिहार की खुशबू जरूर होगी.
मशरूम की खेती- छोटे किसानों ने किया बड़ा कमाल
कभी मशरूम को महंगी और शहरों की सब्जी माना जाता था, लेकिन आज बिहार के गांवों में यह कमाई का मजबूत जरिया बन चुकी है. छोटे और सीमांत किसान मशरूम की खेती अपनाकर अच्छी आमदनी कर रहे हैं. देश के कुल मशरूम उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी 1 फीसदी से ज्यादा है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इससे साफ है कि बिहार के किसान नई तकनीक और आधुनिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं.
हॉर्टिकल्चर में आगे बढ़ता बिहार
आलू और आम- रसोई की शान, बिहार की पहचान
आलू और आम हर घर की जरूरत हैं. बिहार इन दोनों फसलों में भी पीछे नहीं है. देश के कुल आलू उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी 14 फीसदी से ज्यादा है और इस मामले में राज्य तीसरे नंबर पर है. वहीं, आम उत्पादन में भी बिहार ने बड़ी छलांग लगाई है. देश का करीब 8 फीसदी आम बिहार से आता है, जिससे यह राज्य तीसरा सबसे बड़ा आम उत्पादक बन गया है.
शहद से मीठी कमाई और निवेश का सुनहरा मौका
फल-सब्जियों के साथ-साथ बिहार ने शहद उत्पादन में भी अपनी ताकत दिखाई है. देश के कुल शहद उत्पादन में बिहार का योगदान 12 फीसदी से ज्यादा है और राज्य चौथे स्थान पर पहुंच चुका है. खास बात यह है कि लीची के बागों से तैयार होने वाला शहद अब ग्लोबल मार्केट में पहचान बना रहा है. कृषि विभाग के ये आंकड़े बताते हैं कि बिहार में प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज और फूड इंडस्ट्री में निवेश के लिए शानदार मौके हैं. यही वजह है कि आज बिहार खेती का नहीं, बल्कि एग्री-बिजनेस का नया हब बनता जा रहा है.