उत्तर प्रदेश के आलू किसान कम भाव मिलने और आलू की फसल चौपट होने को लेकर शिकायत और धरना प्रदर्शन करते आए हैं. बीते सप्ताह के दौरान कन्नौज, कानपुर समेत यूपी के कई जिलों में आलू किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद योगी सरकार ने आलू किसानों को बड़ी राहत देते हुए 3 नई योजनाएं शुरू की हैं और किसानों को 20 हजार रुपये सब्सिडी देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही बागवानी विभाग ने पोटैटो किसानों के लिए पोर्टल भी लॉन्च किया है.
आलू किसानों के लिए 3 नई योजनाएं
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आलू उत्पादक किसानों के लाभ के लिए तीन नई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भाव स्थिरता कोष, भंडारण शुल्क में छूट और आलू के बीज पर छूट शामिल है. उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उद्यान भवन लखनऊ में इन योजनाओं के सफल एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए नव विकसित ऑनलाइन पोर्टल https://potato.uphorticulture.in/ का शुभारंभ किया.
भाव कम मिलने पर 20 हजार रुपये सब्सिडी देगी सरकार
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी. किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के 25 फीसदी के बराबर या उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर के बराबर सब्सिडी मिलेगी, जो भी कम हो. किसानों को निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल तक की सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 20,000 रुपये प्रति किसान होगी.
प्रदेश में आलू विकास की योजनाओं एवं उनके सफल क्रियान्वयन हेतु नव विकसित पोर्टल ( https://t.co/5UUR1pBLrp ) का शुभारंभ..@UP_Horticulture pic.twitter.com/PkTKKCjFXm
— Dinesh Pratap Singh (@RBLDineshSingh) August 17, 2026
आलू बीज खरीद पर 1000 रुपये की छूट मिलेगी
किसानों को नए और उच्च गुणवत्ता वाले आलू के बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज बिक्री दर पर छूट की योजना भी शुरू की गई है, जिसके तहत किसानों को विभाग के आधार बीज खरीदने पर अधिकतम 1000 रुपये प्रति क्विंटल की छूट मिलेगी. मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से शुरू की गई इन योजनाओं का उद्देश्य आलू उत्पादकों को बाजार मूल्य में गिरावट, भंडारण लागत और गुणवत्ता वाले बीज की लागत से होने वाले नुकसान से बचाना है.