जंतर मंतर पर मजदूरों का प्रदर्शन, नागपुर में सैकड़ों की भीड़ जुटी.. सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Bhartiya Mazdoor Sangh Protest : भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर देश भर में श्रमिक, मजदूर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ये प्रदर्शन मजदूरों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को लेकर हैं, जिनमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, EPF और ESI की वेतन सीमा में बदलाव, पेंशन योजना और नए लेबर कोड के प्रावधानों में बदलाव जैसी मांगें शामिल हैं.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 17 Aug, 2026 | 01:18 PM

मजदूरों और श्रमिकों के मुद्दों को लेकर भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में मजदूर संघ से जुड़े लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, नागपुर में पैदल मार्च निकाला जा रहा है. यहां के संविधान चौक पर लोगों की भीड़ जुटी है. संघ ने कहा कि सरकार अकुशल श्रमिकों की 30 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन तय करे. इसके अलावा ग्रेच्यूटी राशि बढ़ाकर 40 लाख रुपये की जाए.

दिल्ली के जंतर मंतर पर मजदूरों का प्रदर्शन

भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए भारी संख्या में लोग जुटे हैं. संघ ने केंद्र सरकार से मजदूरों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, स्कीम वर्करों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने की मांग की है. जंतर मंतर केंद्र सरकार से मजदूरों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, स्कीम वर्करों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने की मांग की.

संगठन ने आज देश भर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. ये प्रदर्शन मजदूरों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को लेकर हैं, जिनमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, EPF और ESI की वेतन सीमा में बदलाव, पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने और नए लेबर कोड के प्रावधानों में बदलाव जैसी मांगें शामिल हैं.

नागपुर के संविधान चौक पर जुटे प्रदर्शनकारी

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने कहा कि वह मजदूरों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के अपने देशव्यापी आंदोलन के तहत 17 अगस्त को नागपुर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया, जिसके बाद आज मजदूरों, श्रमिकों और कामगारों ने पैदल मार्च निकाला है. अधिक पेंशन, वेतन सीमा में वृद्धि और योजना आधारित श्रमिकों के लिए लाभ की मांग को लेकर श्रमायुक्त कार्यालय में घुसने को लेकर पुलिस प्रशासन से हल्की झड़प की सूचना है.

भारतीय मजदूर संघ ने बयान में कहा कि वह मजदूरों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन को मजबूर हुए हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध इस संगठन के प्रचार प्रमुख सुरेश चौधरी ने मीडिया को बताया कि उद्योगों, बैंकों, मेट्रो सेवाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और संगठित व असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के इस प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं. नागपुर में प्रदर्शन के लिए संविधान चौक पर लोग जुटे हैं.

30 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन और ग्रेच्यूटी 40 लाख करने पर अड़े

बीएमएस ने अधिक पेंशन, ईपीएफ और ईएसआई की बढ़ी हुई सीमा तथा संविदा कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा के अलावा, अकुशल श्रमिकों के लिए 30,000 रुपये के न्यूनतम मासिक वेतन की मांग उठाई है. संगठन के प्रचार प्रमुख सुरेश चौधरी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ‘समान काम के लिए समान वेतन’ लागू करना, बैंक कर्मचारियों के लिए सप्ताह में पांच दिन का कार्य दिवस और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये करना शामिल है.

सरकार को मांगे सुननी और पूरी करनी होंगी

एक बयान में कहा गया कि बीएमएस ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50 फीसदी रेलवे किराया रियायत को बहाल करने की भी मांग की है, जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान बंद कर दिया गया था. संघ ने कहा कि मजदूरों की मांगों को लंबे समय से टाला जा रहा है. लेकिन, अब यह स्थिति और बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. सरकार को उनकी मांगें सुननी और पूरी करनी होंगी.

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Published: 17 Aug, 2026 | 01:12 PM

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