ड्रैगन फ्रूट की खेती पर बड़ा तोहफा, किसानों को 2.70 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी

किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है. इसके तहत पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. योजना का उद्देश्य आधुनिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को अधिक मुनाफे वाली फसलों से जोड़ना है, जिससे उनकी आय में सुधार हो सके.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 14 Jun, 2026 | 09:22 PM

Dragon Fruit Farming: पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अब किसान उन फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें कम समय में बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना होती है. इन्हीं फसलों में ड्रैगन फ्रूट भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ड्रैगन फ्रूट विकास योजना शुरू की है. इस योजना के तहत किसानों को व्यावसायिक स्तर पर ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए लाखों रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे खेती की शुरुआती लागत का बोझ काफी हद तक कम हो सकेगा.

दो चरणों में मिलेगी 2.70 लाख रुपये तक की सहायता

कृषि विभाग के अनुसार ड्रैगन फ्रूट विकास योजना  के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.70 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा. ये राशि एकमुश्त न देकर दो चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी. पहले वर्ष किसानों को कुल अनुदान का 60 प्रतिशत यानी 1.62 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा. इसके बाद दूसरे वर्ष शेष 40 प्रतिशत यानी 1.08 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि जारी की जाएगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को पौधरोपण के साथ-साथ शुरुआती वर्षों में फसल के रखरखाव और प्रबंधन के लिए भी आर्थिक सहयोग देना है.

छोटे और मध्यम किसान भी उठा सकेंगे लाभ

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल बड़े किसानों तक सीमित  नहीं रखा गया है. कम जमीन वाले किसान भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. योजना के तहत न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ भूमि रखने वाले किसान पात्र होंगे. इससे छोटे और मध्यम किसानों को आधुनिक बागवानी खेती से जुड़ने का अवसर मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

23 जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा

उद्यान निदेशालय के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट विकास योजना का लाभ राज्य के 23 जिलों के किसानों को दिया जाएगा. इनमें अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा और सीवान शामिल हैं. इन जिलों का चयन स्थानीय जलवायु, मिट्टी की गुणवत्ता और बागवानी फसलों की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया गया है. सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन  को बढ़ावा देना और किसानों को नई आय के अवसर उपलब्ध कराना है.

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बेहद आसान

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए उद्यान निदेशालय  की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योजना अनुभाग में उपलब्ध ड्रैगन फ्रूट विकास योजना के लिंक पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरनी होगी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे. आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखना जरूरी है. सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से अधिक से अधिक किसान आधुनिक बागवानी खेती से जुड़ेंगे और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

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Published: 14 Jun, 2026 | 09:22 PM

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