Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana: मछली पालन से जुड़े किसानों और उद्यमियों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने जलीय कृषि बीमा को बढ़ावा देने की पहल तेज कर दी है. पशुपालन विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछलीपालकों को बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और अन्य आकस्मिक जोखिमों से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके. इस योजना का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र को सुरक्षित और अधिक लाभकारी बनाना है.
बीमा योजना से मिलेगा जोखिमों से संरक्षण
मछली पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो मौसम, जल गुणवत्ता, बीमारियों और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हो सकता है. कई बार अचानक होने वाले नुकसान के कारण किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बीमा सुविधा उपलब्ध कराई है. पशुपालन विभाग के अनुसार, बीमा योजना के तहत मछली और झींगा पालन से जुड़े किसानों को विभिन्न जोखिमों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान की जाएगी. इससे नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी और उनका व्यवसाय प्रभावित नहीं होगा.
प्रीमियम पर सरकार दे रही सब्सिडी
योजना के तहत बीमा प्रीमियम पर सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है. झींगा फसल बीमा के लिए किसानों को प्रीमियम पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा. वहीं सामान्य मत्स्य पालन बीमा में प्रीमियम का 40 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी. इसके अलावा प्रति किसान अधिकतम 4 हेक्टेयर जलक्षेत्र तक बीमा प्रोत्साहन का लाभ दिया जाएगा. सरकार ने इस सहायता की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये निर्धारित की है. प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलने का प्रावधान भी किया गया है.
ऑनलाइन पंजीकरण से मिलेगा लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए मछलीपालकों को नेशनल फिशरीज डिजिटल पोर्टल (NFDP) पर पंजीकरण कराना होगा. पोर्टल पर ‘इंडिविजुअल बेनिफिशियरी’ के रूप में रजिस्ट्रेशन करने के बाद किसानों को एक विशेष पंजीकरण संख्या प्रदान की जाएगी. इसके बाद लाभार्थी पोर्टल पर लॉगिन कर संबंधित योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने से किसानों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
पशुपालन विभाग के अनुसार, आवेदन करते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, भूमि या तालाब से जुड़े दस्तावेज, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और परियोजना रिपोर्ट शामिल हैं. योजना का लाभ पंजीकृत मत्स्य पालकों, सहकारी समितियों और मछली किसान उत्पादक संगठनों को दिया जाएगा. विभाग का मानना है कि बीमा सुविधा से मत्स्य क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, किसानों का भरोसा मजबूत होगा और मछली पालन व्यवसाय को नई गति मिलेगी.