यूपी का बहराइच बनेगा अंडा उत्पादन का हब, करोड़ों की मुर्गी पालन इकाइयों से बदलेगी तस्वीर

बहराइच जिले में अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ी योजना शुरू की है. इसके तहत करोड़ों रुपये की लागत से मुर्गी पालन इकाइयां लगेंगी. इससे अंडों की कमी दूर होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार व आय के नए अवसर मिलेंगे.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 24 Jan, 2026 | 01:40 PM

Poultry Farming : अब बहराइच सिर्फ खेती और सीमावर्ती जिला ही नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही अंडा उत्पादन का बड़ा केंद्र बन सकता है. सरकार की नई पहल से जिले में बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन इकाइयां लगाने की तैयारी है. खास बात यह है कि इसमें आम लोग भी जुड़ सकते हैं और करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट के जरिए अच्छी कमाई कर सकते हैं. सरकार का मकसद है कि बाहर से आने वाले अंडों पर निर्भरता कम हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बढ़ें.

बहराइच में अंडों की मांग ज्यादा, उत्पादन बेहद कम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हर दिन करीब 15 से 20 लाख अंडों की खपत हो रही है, लेकिन यहां उत्पादन सिर्फ डेढ़ से दो लाख अंडे प्रतिदिन ही हो पा रहा है. यही वजह है कि जिले की जरूरत पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दूसरे राज्यों से पूरी करनी पड़ती है. इस अंतर को खत्म करने के लिए सरकार ने अब जिले को अंडा उत्पादन  का हब बनाने का फैसला किया है.

उत्तर प्रदेश कुक्कुट योजना से मिलेगा सहारा

अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश कुक्कुट योजना  लागू की गई है. इसके तहत जिले में एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक की लागत से अंडा उत्पादन की बड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इन इकाइयों की क्षमता 10 हजार से 60 हजार मुर्गियों तक होगी, ताकि बड़े स्तर पर उत्पादन संभव हो सके. खास बात यह है कि इस योजना में कोई तय लक्ष्य नहीं रखा गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें.

लोन और ब्याज में सरकार देगी बड़ी राहत

इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति या समूह अंडा उत्पादन इकाई लगाना चाहता है, तो उसे कुल लागत का 30 प्रतिशत पैसा खुद लगाना होगा. बाकी 70 प्रतिशत राशि बैंक लोन के रूप में मिलेगी. सबसे बड़ी राहत यह है कि पांच साल तक लोन के ब्याज का भुगतान सरकार करेगी. इससे शुरुआती बोझ काफी कम हो जाएगा और नए लोग भी आसानी से इस कारोबार में कदम रख सकेंगे.

कितनी लागत में कितनी बड़ी इकाई लगेगी

सरकार की योजना के मुताबिक अलग-अलग क्षमता की इकाइयों पर अलग-अलग खर्च आएगा.

10 हजार पक्षियों की इकाई पर करीब 99.53 लाख रुपये खर्च होंगे

30 हजार पक्षियों की इकाई पर लगभग 2.59 करोड़ रुपये

60 हजार पक्षियों की इकाई पर करीब 4.91 करोड़ रुपये की लागत आएगी

इनमें बैंक लोन और मार्जिन मनी का पूरा हिसाब तय किया गया है, ताकि निवेशकों को कोई परेशानी न हो.

आवेदन कैसे करें, कोई सीमा नहीं

अंडा उत्पादन की इकाई लगाने के लिए इच्छुक लोग पशुपालन विभाग  में आवेदन कर सकते हैं. अभी तक जिले में कोई आवेदन नहीं आया है, लेकिन विभाग का कहना है कि जितने भी आवेदन आएंगे, सभी को लाभ दिया जाएगा. इकाइयों की संख्या की भी कोई सीमा तय नहीं की गई है, यानी बहराइच में जितने चाहें उतने लोग इस योजना से जुड़ सकते हैं.

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