ड्रैगन फ्रूट किसान सावधान! जुलाई-अगस्त की एक गलती कर सकती है भारी नुकसान, ऐसे बचाएं फसल

ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों को लंबे समय तक अच्छी कमाई दे सकती है, लेकिन मानसून में लापरवाही भारी पड़ सकती है. जुलाई-अगस्त में बढ़ती नमी से फंगस और तना सड़न का खतरा बढ़ जाता है. जानिए फसल बचाने के आसान उपाय और विशेषज्ञ की जरूरी सलाह.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 25 Jul, 2026 | 06:00 AM

Dragon Fruit Cultivation: ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए कम लागत में लंबे समय तक अच्छी कमाई देने वाली फसल बन रही है. एक बार पौधा लगाने के बाद उचित देखभाल करने पर यह फसल कई वर्षों तक उत्पादन देती है. हालांकि, बरसात का मौसम इस फसल के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. लगातार बारिश और खेत में बढ़ती नमी के कारण पौधों में फंगस, तना सड़न और अन्य रोगों का खतरा बढ़ जाता है.

कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट कैक्टस वर्ग का पौधा है, जिसे अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती. मानसून के दौरान खेत में जलभराव होने से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. अधिक नमी की वजह से तनों पर भूरे या काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं, जो धीरे-धीरे पूरे पौधे को प्रभावित कर सकते हैं. समय पर नियंत्रण नहीं किया गया तो पौधे कमजोर होकर फल उत्पादन कम कर सकते हैं.

जल निकासी और साफ-सफाई से बचाएं पौधों को

कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, बरसात में ड्रैगन फ्रूट की खेती  करने वाले किसानों को सबसे पहले खेत में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए. पौधों के आसपास पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि अधिक नमी फंगस को बढ़ावा देती है. उन्होंने कहा कि पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखना भी जरूरी है, जिससे हवा का आवागमन बना रहे और नमी कम हो सके. अगर किसी पौधे की शाखा पर संक्रमण दिखाई दे तो उसे तुरंत काटकर खेत से बाहर नष्ट कर देना चाहिए. इसके अलावा खेत में खरपतवार को समय-समय पर हटाते रहें और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, ताकि रोग फैलने की संभावना कम हो.

जुलाई-अगस्त में दवा छिड़काव से करें फंगस पर नियंत्रण

बरसात के महीनों में फंगस से बचाव  के लिए किसान समय रहते दवा का प्रयोग कर सकते हैं. कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, जुलाई और अगस्त में अगर पौधों पर फंगस के लक्षण दिखाई दें तो कार्बेंडाजिम, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड और मैंकोजेब जैसी फफूंदनाशक दवाओं का उपयोग किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इन दवाओं का घोल निर्धारित मात्रा में बनाकर पौधों पर छिड़काव करना चाहिए. बारिश के दौरान दवा का छिड़काव नहीं करना चाहिए. बारिश रुकने के बाद ही उपचार करें और जरूरत पड़ने पर 7 से 10 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव किया जा सकता है. समय पर रोग नियंत्रण करने से पौधों की बढ़वार और फल उत्पादन दोनों बेहतर रहते हैं.

20 से 25 साल तक कमाई देती है यह फसल

ड्रैगन फ्रूट  की खेती किसानों के लिए इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह लंबे समय तक उत्पादन देने वाली फसल है. सही प्रबंधन और नियमित देखभाल से पौधे 20 से 25 वर्षों तक फल दे सकते हैं. बाजार में इसकी मांग बढ़ने के कारण किसानों को बेहतर आय की संभावना मिल रही है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार ने किसानों को सलाह दी कि नई तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती को और लाभदायक बनाया जा सकता है. मानसून के दौरान थोड़ी सावधानी बरतकर किसान फसल को रोगों  से बचा सकते हैं और लंबे समय तक अच्छी कमाई प्राप्त कर सकते हैं.

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Published: 25 Jul, 2026 | 06:00 AM