तेजी से बढ़ने वाला यूकेलिप्टस का पेड़ किसानों के लिए है फायदेमंद, ऐसे करेंगे घर बैठे बंपर कमाई

यूकेलिप्टस यानी सफेदा एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो पर्यावरण और किसानों दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसकी लकड़ी कई उद्योगों में काम आती है, जबकि पत्तियों से निकलने वाला तेल औषधीय गुणों से भरपूर होता है. विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से इसकी खेती किसानों की अतिरिक्त आमदनी का अच्छा जरिया बन सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 7 Mar, 2026 | 08:00 PM

Safeda Farming: देश में पेड़ों की बढ़ती जरूरत और किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोशिशों के बीच यूकेलिप्टस यानी सफेदा का पेड़ एक बार फिर चर्चा में है. कम समय में तेजी से बढ़ने वाला यह पेड़ न सिर्फ लकड़ी के लिए उपयोगी है बल्कि इसकी पत्तियों से निकलने वाला तेल भी कई औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार, यह पेड़ पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

तेजी से बढ़ने वाला सदाबहार पेड़

यूकेलिप्टस, जिसे आम बोलचाल में सफेदा या लिप्टस भी कहा जाता है, दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले पेड़ों में से एक माना जाता है. यह मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया का पेड़ है, लेकिन अब भारत सहित कई देशों में इसकी खेती  और रोपण किया जाता है. अनुकूल परिस्थितियों में यह पेड़ 40 से 50 मीटर तक ऊंचा हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका लंबा और सीधा तना होता है, जो इसे दूर से ही अलग पहचान देता है. यही कारण है कि कई जगहों पर इसे सड़क किनारे और खेतों की मेड़ पर भी लगाया जाता है.

छाल और पत्तियों की खास पहचान

यूकेलिप्टस के पेड़ की छाल चिकनी और हल्के सफेद रंग की होती है. समय के साथ इसकी पतली परतें उतरती रहती हैं, जिससे इसका तना साफ और आकर्षक दिखाई देता है. इसकी पत्तियां लंबी, नुकीली और चमकदार हरे रंग की होती हैं. जब इन पत्तियों को हाथ में लिया जाता है तो इनमें से एक तेज और ताजी सुगंध आती है. यही सुगंध इस पेड़ की खास पहचान भी है. कई लोग इसके पेड़ों को घर या खेत के आसपास इसलिए भी लगाते हैं ताकि वातावरण में ताजगी बनी रहे.

पत्तियों से निकलता है औषधीय तेल

यूकेलिप्टस की पत्तियों से निकलने वाला तेल कई औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, बंद नाक और मांसपेशियों के दर्द में राहत के लिए किया जाता है. कई दवाइयों और बाम में भी यूकेलिप्टस का तेल मिलाया जाता है. आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में भी इस तेल का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है. यही वजह है कि इसकी पत्तियों से बनने वाला तेल बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है और इससे जुड़े छोटे उद्योग भी कई जगह चल रहे हैं.

पर्यावरण और किसानों के लिए उपयोगी

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यूकेलिप्टस के पेड़ पर्यावरण संरक्षण  में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं. ये पेड़ तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में ज्यादा हरियाली देते हैं. इसके अलावा इनकी लकड़ी का उपयोग कागज उद्योग, फर्नीचर और निर्माण कार्यों में भी किया जाता है. कई किसान इसे खेत की मेड़ों या खाली जमीन पर लगाकर अतिरिक्त आमदनी भी हासिल कर रहे हैं.

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार, सही जगह और संतुलित तरीके से लगाए गए यूकेलिप्टस के पेड़ पर्यावरण, उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तीनों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं. इसलिए विभाग लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और हरियाली बढ़ाने के लिए जागरूक भी कर रहा है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 7 Mar, 2026 | 08:00 PM

लेटेस्ट न्यूज़