आज से पूरे देश में शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’.. इन किसानों को होगा सीधा फायदा

कमजोर मॉनसून और अल नीनो की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने 'खेत बचाओ अभियान' शुरू किया है. एक महीने चलने वाले इस अभियान के तहत किसानों को पानी और उर्वरकों के संतुलित उपयोग, फसल विविधीकरण, सूखा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके.

Kisan India
नोएडा | Published: 1 Jun, 2026 | 09:43 AM

कमजोर मॉनसून के अनुमान और उर्वरक व डीजल जैसी कृषि लागत बढ़ने की चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार सोमवार से देशभर में एक महीने का विशेष अभियान शुरू करने जा रही है. ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को उर्वरकों और पानी का संतुलित एवं सही उपयोग करने, मौसम से जुड़ी चुनौतियों के अनुसार समय पर सलाह देने और सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा.

इस अभियान का उद्देश्य किसानों को हरी खाद (ग्रीन मैन्योर), जैविक खाद और बायो-उत्पादों के अधिक इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना भी है. साथ ही, पानी की बचत और बेहतर उपयोग के लिए किसानों को सटीक सिंचाई (प्रिसिजन इरिगेशन) तकनीक अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत कम होगी और फसलों की उत्पादकता बनाए रखने में मदद मिलेगी.

रामसिया गांव से शुरू होगा अभियान

वहीं,  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के रामसिया गांव से सोमवार को शुरू होने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बढ़ते तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग, मिट्टी की बिगड़ती सेहत और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए किसानों में जागरूकता बढ़ाना और व्यावहारिक समाधान देना जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसानों को खेती से जुड़े जरूरी सुझाव दिए जाएंगे. इसमें क्या करें और क्या न करें, कौन-सी फसलें चुनें, फसल विविधीकरण कैसे करें और पानी की कमी या जोखिम वाली परिस्थितियों में खेती कैसे करें, जैसी जानकारी दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य किसानों को बदलते मौसम के अनुसार बेहतर खेती के तरीके अपनाने के लिए तैयार करना है.

‘खेत बचाओ अभियान’ के  मायने

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का मकसद सिर्फ किसानों तक संदेश पहुंचाना नहीं है, बल्कि उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेत स्तर पर सही सलाह देना है. इसके तहत किसानों को उनकी फसल, मौसम और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे. कमजोर मॉनसून और अल नीनो के बढ़ते खतरे को देखते हुए कृषि मंत्रालय पहले ही राज्यों को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दे चुका है. राज्यों से सूखा सहन करने वाली फसल किस्मों को बढ़ावा देने, मौसम आधारित कृषि सलाह सेवाएं मजबूत करने, पानी के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार खेती की रणनीति अपनाने को कहा गया है. सरकार का उद्देश्य संभावित मौसमीय जोखिमों के बीच किसानों के नुकसान को कम करना और खेती को अधिक टिकाऊ बनाना है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से संभावित खराब मौसम की स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ के दौरान वे देश के विभिन्न राज्यों के गांवों का दौरा करेंगे और किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझेंगे. अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्रीयों, कृषि वैज्ञानिकों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सहयोग मांगा है.

क्या बोले शिवराज सिंह चौहान

चौहान ने कहा कि इस अभियान को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे बहुआयामी रूप दिया जाएगा. इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों तक किसान क्रेडिट कार्ड  (KCC), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिनी सीड किट, दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे. उनका कहना है कि इससे किसानों को आर्थिक और तकनीकी सहायता मिलेगी तथा खेती से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी.

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