खेती को बनाएं कमाई का उद्योग, नर्सरी योजना के तहत मिल रही 50 प्रतिशत सब्सिडी.. ऐसे उठाएं लाभ
सरकार की कृषि वानिकी नर्सरी योजना के तहत किसान और युवा पौधों की नर्सरी लगाकर सालभर कमाई कर सकते हैं. इस काम को शुरू करने के लिए सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है, जिससे कम निवेश में खेती से जुड़ा नया व्यवसाय शुरू करना आसान हो गया है.
Nursery Business: खेती अब सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि नए-नए प्रयोगों के साथ यह एक व्यवसाय का रूप लेती जा रही है. आज कई किसान और युवा खेती से जुड़े ऐसे काम शुरू कर रहे हैं, जिनसे सालभर आमदनी हो सके. इसी दिशा में सरकार की एक योजना लोगों को नर्सरी लगाकर अपना छोटा कृषि व्यवसाय शुरू करने का मौका दे रही है. इस योजना में सब्सिडी की सुविधा मिलने से कम पूंजी में भी अच्छा काम शुरू किया जा सकता है.
पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता के कारण किसान अब नए विकल्प तलाश रहे हैं. ऐसे में पौधों की नर्सरी लगाना एक अच्छा विकल्प बनकर सामने आ रहा है. नर्सरी में फलदार, छायादार और इमारती पौधे तैयार किए जाते हैं, जिनकी मांग हमेशा बनी रहती है. खेत की मेड़ों पर पेड़ लगाने, बागवानी और वृक्षारोपण कार्यक्रमों में इन पौधों की जरूरत पड़ती है. इससे किसानों को खेती के साथ एक अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सकता है.
सब्सिडी से आसान होगा शुरुआत करना
सरकार की कृषि वानिकी नर्सरी योजना के तहत नर्सरी लगाने पर करीब 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. इससे शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आधा हेक्टेयर में नर्सरी लगाने की लागत लगभग 10 लाख रुपये मानी गई है, जिसमें सरकार की ओर से करीब आधी राशि सहायता के रूप में मिल सकती है. पहले से चल रही नर्सरी का विस्तार करने पर भी आर्थिक मदद दी जाती है. कुछ मामलों में यह सहायता और अधिक हो सकती है.
सालभर आमदनी का मौका
नर्सरी व्यवसाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सालभर कमाई की संभावना रहती है. इसमें गम्हार, सेमल और नीम जैसे पौधे तैयार किए जा सकते हैं, जिनकी मांग निर्माण कार्यों और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों में लगातार बनी रहती है. पौधों की बिक्री से किसानों को एकमुश्त आय के साथ नियमित कमाई का भी अवसर मिलता है. इससे खेती पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती और आय के नए रास्ते खुलते हैं.
घर बैठे कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन की सुविधा दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाभार्थियों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा. इसलिए जो लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें समय रहते आवेदन करना जरूरी है. कुल मिलाकर, नर्सरी का काम खेती से जुड़ा एक ऐसा व्यवसाय बन सकता है, जो कम निवेश में लंबे समय तक आय देता है. सब्सिडी की मदद से इस काम को शुरू करना और भी आसान हो जाता है. सही योजना और मेहनत के साथ किसान खेती को एक नए व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा सकते हैं और सालभर आमदनी का रास्ता बना सकते हैं.