99 फीसदी ग्राम पंचायतों तक पहुंचा प्राकृतिक खेती का तरीका, दोगुना भाव मिलने से किसानों की संख्या लाखों के पार

Natural farming: सीएम ने कहा कि अब तक 2,22,893 किसान और बागवानी करने वाले परिवारों ने प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाया है. इनमें से 1,98,000 किसानों को प्रमाण पत्र भी जारी किए जा चुके हैं.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 10 Apr, 2026 | 02:52 PM

हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती को लेकर काफी संजीदा है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने का तरीका प्रदेश की 99 फीसदी ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक तरीके से खेती करने वाले किसानों की संख्या 2.22 लाख के पार हो चुकी है. उन्होंने कहा कि इस साल 1 लाख से ज्यादा किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का टारगेट रखा गया है. वहीं, गेहूं, मक्का, हल्दी और अदरक के लिए देश में सर्वाधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को दिया जा रहा है.

हिमाचल प्रदेश सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कृषि विभाग ने वर्ष 2026 के दौरान 1 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है और किसानों को इस तरीके को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि इससे वे कम लागत पर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.

99 फीसदी ग्राम पंचायतों तक पहुंचा प्राकृतिक खेती का तरीका

सीएम ने कहा कि अब तक 2,22,893 किसान और बागवानी करने वाले परिवारों ने प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाया है. प्राकृतिक खेती में लगे 2 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 1,98,000 किसानों को प्रमाण पत्र भी जारी किए जा चुके हैं. यह तरीका राज्य की 99.3 फीसदी पंचायतों तक पहुंच चुका है और वर्तमान में 38,437 हेक्टेयर जमीन पर प्राकृतिक तरीके से फसलें उगाई जा रही हैं.

खेती में गाय के गोबर का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना’ के तहत रासायनिक खादों और कीटनाशकों के इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जाता है, जबकि देसी गाय के गोबर, गोमूत्र और स्थानीय पौधों से मिलने वाली चीजों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाता है. इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में पर्यावरण संरक्षण, फसलों में विविधता को बढ़ावा देना और खेती की लागत को कम करना शामिल है.

राज्य की जीडीपी में कृषि की 14 फीसदी हिस्सेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 90 फीसदी आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है, और इनमें से 53.95 फीसदी लोग अपनी आजीविका के लिए सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर हैं. यह क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 14.70 फीसदी का योगदान देता है. इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर और लाभकारी मूल्य देने के लिए प्राकृतिक रूप से उत्पादित मक्का और गेहूं के आटे की मार्केटिंग ‘हिम’ (Him) ब्रांड नाम के तहत की जा रही है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

तरबूज की खेती किस सीजन में की जाती है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
विटामिन सी
विजेताओं के नाम
राजेश श्रीवास्तव, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश

लेटेस्ट न्यूज़