कम खर्च में ज्यादा कमाई का मौका, सूरजमुखी की खेती से किसान करें तीन गुना मुनाफा!

सूरजमुखी की खेती कम समय में तैयार होने वाली और बाजार में हमेशा मांग रखने वाली फसल है. सही बुवाई और समय पर सिंचाई से किसान कम लागत में अच्छा उत्पादन ले सकते हैं. यही वजह है कि सूरजमुखी आज किसानों के लिए सुरक्षित और मुनाफे का बेहतर विकल्प बनती जा रही है.

नोएडा | Updated On: 1 Jan, 2026 | 09:22 PM

Sunflower Farming : अगर आप खेती में कम खर्च लगाकर ज्यादा कमाई का रास्ता खोज रहे हैं, तो सूरजमुखी की खेती आपके लिए शानदार मौका बन सकती है. बदलते समय में किसान अब पारंपरिक फसलों से हटकर ऐसी खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें जोखिम कम और मुनाफा ज्यादा हो. सूरजमुखी ऐसी ही फसल है, जो कम समय में तैयार होती है और बाजार में जिसकी मांग हमेशा बनी रहती है. यही वजह है कि यह खेती किसानों के लिए तीन गुना तक कमाई का जरिया बनती जा रही है.

सूरजमुखी की खेती क्यों है फायदेमंद

सूरजमुखी की खेती  की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे जायद और रबी दोनों मौसमों में उगाया जा सकता है. यह फसल करीब 90 से 105 दिनों में तैयार हो जाती है, यानी तीन से साढ़े तीन महीने में किसान को फसल मिल जाती है. इसकी बाजार मांग सालभर बनी रहती है, खासकर तेल उद्योग में सूरजमुखी के बीजों  की जरूरत हमेशा रहती है. इससे किसानों को फसल बेचने में दिक्कत नहीं होती और दाम भी ठीक-ठाक मिल जाते हैं.

बुवाई सही होगी, तभी बढ़ेगा उत्पादन

सूरजमुखी की खेती में सही बुवाई बहुत जरूरी होती है. लाइन से लाइन की दूरी संतुलित रखनी चाहिए, ताकि पौधों को फैलने  और बढ़ने की पूरी जगह मिल सके. पौधे आपस में ज्यादा पास होंगे तो विकास रुक सकता है और उत्पादन घट सकता है. सही दूरी और अच्छी जमीन की तैयारी से पौधे मजबूत होते हैं और फूल व बीज  अच्छी तरह विकसित होते हैं, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ता है.

सिंचाई में लापरवाही पड़ सकती है भारी

सूरजमुखी की खेती में सिंचाई का समय  सबसे अहम माना जाता है. खासकर जब पौधों में कली बन रही हो और जब बीज बनने की प्रक्रिया शुरू हो, उस समय पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. इन दोनों चरणों में अगर सिंचाई सही समय पर न हो, तो उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है. वहीं समय पर और जरूरत के अनुसार पानी देने से फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है और बीज भरपूर बनते हैं.

कम लागत में तगड़ी पैदावार

अगर किसान खेती की जरूरी तकनीकी बातों का सही तरीके से पालन करें, तो प्रति हेक्टेयर 25 से 30 कुंटल तक बीज आसानी से मिल सकते हैं. सूरजमुखी की खेती में लागत दूसरी फसलों के मुकाबले कम आती है और बाजार में दाम अच्छे मिलने से मुनाफा बढ़ जाता है. हाइब्रिड किस्मों और सही देखभाल के साथ यह खेती किसानों को तीन गुना तक कमाई का मौका देती है. कुल मिलाकर, सूरजमुखी की खेती आज के समय में किसानों के लिए एक सुरक्षित, कम समय वाली और मुनाफे वाली फसल बनकर उभर रही है. जो किसान नई और फायदेमंद खेती अपनाना चाहते हैं, उनके लिए सूरजमुखी एक मजबूत विकल्प साबित हो सकती है.

Published: 1 Jan, 2026 | 11:30 PM

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