मगही पान का स्वाद अब देश ही नहीं विदेशी लोग भी चखेंगे. बिहार सरकार ने पान विकास योजना को लॉन्च कर दिया है. योजना के तहत पान किसानों को खेती पर सब्सिडी का लाभ देने की घोषणा की गई है. बिहार के कृषि मंत्री ने कहा कि मगही पान के देश एवं विदेश मे मार्केटिंग के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी. वैज्ञानिक तरीके से पान की खेती करने वाले किसानों को सरकारी राशि दी जाएगी और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरू कर दिए गए हैं.
बिहार के पान उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक पान उत्पादन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने ‘पान विकास योजना’ के शुभारंभ किया है. उन्होंने बताया कि इस योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक दो वर्षों के लिए स्वीकृति दी गई है. उन्होंने कहा कि बिहार अपने विशिष्ट पान स्वाद विशेषकर मगही एवं देशी पान के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. इस योजना के माध्यम से इन पारंपरिक किस्मों के क्षेत्र विस्तार, वैज्ञानिक उत्पादन तथा किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष बल दिया जाएगा.
100 वर्गमीटर में के लिए किसान को 11750 रुपये मिलेंगे
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत मगही पान और देशी पान की खेती करने वाले व्यक्तिगत किसानों एवं एफपीसी के सदस्यों को 100 वर्गमीटर (0.01 हेक्टेयर) क्षेत्र के लिए प्रति कृषक 11,750 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा. कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के 12 पान उत्पादक जिलों औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, वैशाली, नालंदा, नवादा, सारण, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मुंगेर एवं दरभंगा के इच्छुक किसानों को सब्सिडी दी जाएगी. इससे पान की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी.
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ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 20 अप्रैल
माननीय मंत्री ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का DBT (Direct Benefit Transfer) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है. इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर पान विकास योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है तथा 20 अप्रैल 2026 तक आवेदन किया जा सकता है.
किसानों को ट्रेनिंग देगा उद्यान विभाग
कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यान निदेशालय की ओर से किसानों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पान उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी. पान उत्पादन बिहार की समृद्ध कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विशेषकर मिथिलांचल, मगध एवं भोजपुर क्षेत्र के हजारों किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है. यह योजना पारंपरिक पान उत्पादन को वैज्ञानिक आधार देने के साथ-साथ स्थानीय पहचान वाले पान को संरक्षण प्रदान करेगी.
पान किसानों का आर्थिक संकट दूर करेगी ये योजना
राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य के सभी पान उत्पादक किसानों से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘पान विकास योजना’ बिहार के पान किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी और राज्य को पान उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी. वहीं, अधिकारियों को योजना सही तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.