मूंगफली की खेती का सही समय शुरू, ये आसान तरीके अपनाकर किसान बढ़ा सकते हैं उत्पादन और कमाई

मूंगफली की खेती का सबसे बेहतर समय शुरू होने वाला है. सही मिट्टी, अच्छे बीज और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान कम लागत में शानदार पैदावार हासिल कर सकते हैं. खेती विशेषज्ञों के मुताबिक सही समय पर बुवाई और संतुलित सिंचाई से उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए जा सकते हैं, जिससे किसानों की आमदनी मजबूत होगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 05:39 PM

Peanut Farming: मई खत्म होते ही किसानों के लिए मूंगफली की खेती का सबसे अच्छा समय शुरू हो जाता है. खेती में अच्छी कमाई और बेहतर उत्पादन पाने के लिए सही समय पर बुवाई और सही तकनीक अपनाना बहुत जरूरी माना जाता है. अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करें तो कम लागत में भी अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं. मूंगफली ऐसी फसल है जिसकी बाजार में पूरे साल मांग बनी रहती है. इसका इस्तेमाल खाने के साथ-साथ तेल बनाने में भी बड़े स्तर पर किया जाता है. यही वजह है कि यह किसानों के लिए फायदे वाली फसल मानी जाती है.

15 जून से 15 जुलाई तक बुवाई का सबसे अच्छा समय

विशेषज्ञों के अनुसार मूंगफली की बुवाई  के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक का समय सबसे सही माना जाता है. इस दौरान मौसम और मिट्टी की नमी फसल के लिए अच्छी रहती है. सही समय पर बुवाई करने से पौधों की बढ़वार तेजी से होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है. देर से बुवाई करने पर फसल पर मौसम का असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादन घटने का खतरा रहता है. इसलिए किसानों को समय का खास ध्यान रखना चाहिए.

कैसी मिट्टी और खेत की तैयारी जरूरी

मूंगफली की खेती के लिए हल्की, भुरभुरी और पानी निकासी वाली मिट्टी  सबसे अच्छी मानी जाती है. खेत में पानी जमा होने से जड़ें खराब हो सकती हैं और फसल में बीमारी लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए खेत ऐसा होना चाहिए जहां पानी ज्यादा देर तक न रुके. बुवाई से पहले खेत की दो से तीन बार अच्छी तरह जुताई करनी चाहिए. इससे मिट्टी नरम हो जाती है और पुराने खरपतवार भी खत्म हो जाते हैं. खेत को साफ और समतल रखना भी जरूरी होता है. अगर खेत में घास या खरपतवार ज्यादा होंगे तो फसल की बढ़वार कमजोर हो सकती है. अच्छी तैयारी से बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधे मजबूत बनते हैं.

अच्छे बीज और सही दूरी का रखें ध्यान

मूंगफली की खेती में अच्छी गुणवत्ता वाले बीज  का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी माना जाता है. खराब या सस्ते बीज इस्तेमाल करने से पौधों में बीमारी लग सकती है और उत्पादन कम हो सकता है. अच्छे बीज से फसल मजबूत होती है और दाने भी बेहतर निकलते हैं. बुवाई करते समय बीज को लाइन में लगाना चाहिए. पौधों के बीच सही दूरी रखना जरूरी होता है ताकि उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. सही दूरी होने से खेत में हवा का संचार भी ठीक रहता है और फसल स्वस्थ बनी रहती है. इससे पौधों में बीमारी फैलने का खतरा भी कम होता है.

कम पानी में भी मिल सकती है बंपर पैदावार

मूंगफली की फसल  में बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. जरूरत से ज्यादा सिंचाई करने से फसल खराब हो सकती है. किसानों को मौसम देखकर ही सिंचाई करनी चाहिए. शुरुआती दिनों में खेत की नियमित निगरानी करना जरूरी होता है. फसल में समय-समय पर निराई-गुड़ाई भी करनी चाहिए ताकि खरपतवार फसल का पोषण न खींच सकें. अगर खेत साफ रहेगा तो पौधों की बढ़वार अच्छी होगी. किसान मल्चिंग तकनीक अपनाकर भी कम पानी में अच्छा उत्पादन हासिल कर सकते हैं. इस तरीके से मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और फसल तेजी से बढ़ती है. आज के समय में कई किसान नकदी फसलों की तरफ बढ़ रहे हैं और मूंगफली उनमें एक अच्छा विकल्प बनकर उभर रही है. बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए सही तरीके से खेती करने पर किसानों को अच्छी कमाई मिल सकती है.

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Published: 31 May, 2026 | 05:39 PM