बरोट आलू ने दिल जीता, बंपर पैदावार से खुश किसान.. 15 रुपये किलो तक मिल रहा भाव

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की छोटा भंगाल घाटी में इस साल आलू की बंपर पैदावार हुई है. रोगमुक्त फसल, बेहतर मौसम और सड़क संपर्क से किसानों को फायदा मिला है. बरोट आलू अब उत्तर भारत की मंडियों में पहुंच रहा है और 12-15 रुपये प्रति किलो के भाव के बावजूद अच्छी पैदावार से किसान संतुष्ट हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 29 Jul, 2026 | 07:14 PM

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की छोटा भंगाल घाटी में इस साल आलू की बंपर पैदावार हुई है. अच्छी फसल मिलने से किसान खुश हैं और यहां का मशहूर बरोट आलू अब उत्तर भारत की थोक और खुदरा मंडियों में पहुंचने लगा है. अपने बेहतर स्वाद और गुणवत्ता के लिए मशहूर बरोट आलू की बाजार में अच्छी मांग बनी हुई है. किसानों को मंडियों में 15 रुपये किलो तक रेट मिल रहा है. इस सीजन में किसानों ने करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र में गिरधारी, कुफरी, ज्योति और चंद्रमुखी जैसी किस्मों की खेती की है.

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार फसल में बीमारियों का प्रकोप बहुत कम रहा. इससे उत्पादन बढ़ा है और आलू की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है. फिलहाल मंडियों में आलू 12 से 15 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है. हालांकि, कीमतें बहुत ज्यादा नहीं हैं, लेकिन अच्छी पैदावार और बेहतर गुणवत्ता के कारण किसान संतुष्ट हैं और उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद है.

आलू की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है

हिमाचल प्रदेश के छोटा भंगाल क्षेत्र में आलू की खेती लगातार बढ़ रही है. बरोट, लोहारड़ी, मुल्थान, बड़ा ग्राम, कोटी-कोहड़, राजगुंधा, स्वाड़ और प्लाचक जैसे इलाके इस क्षेत्र के प्रमुख आलू उत्पादक केंद्र हैं. किसानों का कहना है कि बिलिंग-राजगुंधा-बरोट सड़क बनने के बाद आलू को मंडियों तक पहुंचाना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है. इससे परिवहन का समय और खर्च दोनों कम हुए हैं.

दूसरे राज्यों में आलू की हो रही सप्लाई

वरिष्ठ कृषि अधिकारी डॉ. रेणु शर्मा ने कहा कि बेहतर सड़क सुविधा मिलने से अधिक किसान व्यावसायिक स्तर पर आलू की खेती  करने के लिए आगे आए हैं. उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी फसल को जल्दी और आसानी से बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनका भरोसा आलू की खेती पर और बढ़ा है. बरोट क्षेत्र के स्थानीय व्यापारी सूरज ने बताया कि यहां से हर दिन 15 से 20 गाड़ियां आलू लेकर उत्तर भारत की थोक मंडियों और आलू चिप्स बनाने वाली फैक्ट्रियों के लिए रवाना हो रही हैं. उनका कहना है कि यह सप्लाई अक्टूबर तक जारी रहने की उम्मीद है.

आलू की सबसे अच्छी पैदावार हुई

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि रोगमुक्त फसल, अनुकूल मौसम और बेहतर सड़क संपर्क की वजह से इस बार पिछले कई वर्षों की तुलना में आलू की सबसे अच्छी पैदावार हुई है. किसानों को उम्मीद है कि अगर बाजार में मांग  बनी रही और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं में और सुधार हुआ, तो बरोट घाटी में आलू की खेती किसानों की आय का एक मजबूत जरिया बन जाएगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 29 Jul, 2026 | 07:14 PM

लेटेस्ट न्यूज़