रबी सीजन में किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक मदद, शिवराज ने बनाई रणनीति.. बेहतर पैदावार पर फोकस

Rabi Crop Planning: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 13 सितंबर को रबी सीजन 2026-27 की तैयारियों को लेकर वर्चुअल सम्मेलन हुआ. इसमें किसानों की सीधी भागीदारी, उन्नत तकनीक, बेहतर उत्पादन और कृषि वैज्ञानिकों की समय पर सलाह पर जोर दिया गया. झांसी से करीब 100 किसान भी ऑनलाइन जुड़े.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 14 Sep, 2026 | 01:06 PM

Rabi Season 2026-27: आगामी रबी सीजन 2026-27 को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी सिलसिले में 13 सितंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक वर्चुअल सम्मेलन हुआ. इसमें देशभर के किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सम्मेलन में रबी फसलों की बेहतर पैदावार, खेती की लागत कम करने और किसानों तक समय पर वैज्ञानिक सलाह पहुंचाने पर जोर दिया गया. कृषि मंत्री ने कहा कि इस बार रबी सीजन की तैयारी सिर्फ सरकारी स्तर पर नहीं होगी, बल्कि इसमें किसानों की सीधी भागीदारी भी रहेगी. यानी खेत में किसानों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें ध्यान में रखकर आगे की योजना तैयार करने की कोशिश की जाएगी.

किसानों की राय से तैयार होगी रबी की योजना

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रबी सीजन 2026-27 के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं में किसानों की भागीदारी को अहम रखा जाएगा. सरकार का फोकस किसान-केंद्रित कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए खेती में नई तकनीक और बेहतर तरीकों को बढ़ावा देने पर है. इसका मकसद यह है कि खेती से जुड़े फैसले जमीन की जरूरत के हिसाब से लिए जाएं. किसानों की समस्याएं, स्थानीय मौसम, मिट्टी और फसल की स्थिति को ध्यान में रखकर उन्हें सही सलाह दी जा सके.

सरकार इसी दिशा में 28 और 29 सितंबर को रबी फसलों को लेकर एक विशेष सम्मेलन भी आयोजित करने जा रही है. इसमें रबी सीजन की तैयारियों और किसानों के लिए जरूरी कदमों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है.

किसानों तक सीधे पहुंचेगी वैज्ञानिक सलाह

सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर खास जोर दिया. उन्होंने कहा कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि फसल की क्वालिटी भी बेहतर होनी चाहिए. उन्होंने कृषि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों से किसानों के साथ लगातार संपर्क में रहने की अपील की. खासतौर पर वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को कहा गया है कि वे किसानों को खेती से जुड़ी वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारी सही समय पर दें. इसका फायदा किसानों को बीज के चयन, फसल प्रबंधन, खाद के सही इस्तेमाल, सिंचाई और दूसरी कृषि कार्यों में मिल सकता है.

झांसी से करीब 100 किसान ऑनलाइन जुड़े

इस वर्चुअल सम्मेलन में भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी की भी भागीदारी रही. संस्थान के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के साथ करीब 100 किसान ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े. सम्मेलन के दौरान किसानों को रबी सीजन की तैयारियों से जुड़ी जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के कार्यक्रम किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद बनाने में मदद करते हैं.

रबी सीजन के लिए क्यों अहम है यह पहल?

रबी सीजन में गेहूं, चना, सरसों, मटर और दूसरी कई प्रमुख फसलों की खेती होती है. ऐसे में समय पर सही तैयारी का सीधा असर उत्पादन और किसानों की कमाई पर पड़ सकता है. सरकार का जोर अब ऐसी खेती पर है जिसमें उत्पादन के साथ लागत, संसाधनों और क्वालिटी का भी ध्यान रखा जाए. किसानों की सीधी भागीदारी और कृषि वैज्ञानिकों की मदद से रबी सीजन 2026-27 की तैयारियों को ज्यादा व्यावहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है. इसका असली फायदा तभी होगा, जब खेत तक समय पर सही जानकारी और तकनीक पहुंचे और किसान उसे अपनी जरूरत के हिसाब से आसानी से अपना सकें.

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Published: 14 Sep, 2026 | 01:04 PM

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