बारिश बनी राहत! धान की फसल पर लीफ फोल्डर का असर घटा, कृषि विभाग की खेतों पर नजर

हरियाणा के यमुनानगर में रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है. बारिश से धान और दूसरी फसलों की बढ़वार बेहतर हुई है, वहीं लीफ फोल्डर कीट का असर भी कम हुआ है. कृषि विभाग खेतों की लगातार निगरानी कर रहा है. इस सीजन में फिजी वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है. जिले में 2.37 लाख एकड़ में धान की खेती हुई है.

Kisan India
नोएडा | Published: 24 Aug, 2026 | 12:56 PM

हरियाणा के यमुनानगर जिले में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों को राहत मिली है. बारिश से धान और दूसरी फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप भी कम हुआ है. कृषि विभाग की टीमें लगातार खेतों का निरीक्षण कर फसलों की स्थिति पर नजर रख रही हैं. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जाकर धान के खेतों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने फसल की स्थिति का जायजा लिया और किसानों को संभावित कीट और रोगों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी.

यमुनानगर कृषि विभाग के सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने  द ट्रिब्यून से कहा कि कुछ समय पहले धान की फसल में लीफ फोल्डर कीट का प्रकोप देखा गया था. हालांकि, रुक-रुककर हुई बारिश के कारण इसका असर काफी कम हो गया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल धान की फसल स्वस्थ स्थिति में है और खेतों में लीफ फोल्डर का कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिल रहा है.

रुक-रुककर बारिश से लीफ फोल्डर का प्रकोप घटा

यमुनानगर में कृषि विभाग की टीम ने बकाना, अलाहर, बहादुरपुर और जयपुर गांवों का दौरा कर धान की फसल का जायजा लिया. कृषि विभाग के सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि कुछ समय पहले इन इलाकों में करीब 50-60 एकड़ धान की फसल में लीफ फोल्डर कीट  का असर देखा गया था. हालांकि, रुक-रुककर हुई बारिश के बाद इसका प्रकोप काफी कम हो गया है.

लीफ फोल्डर पर कृषि विभाग की नजर

उन्होंने कहा कि जिले के कुछ अन्य इलाकों में भी लीफ फोल्डर के मामले सामने आए थे. विभाग की टीमें लगातार खेतों की निगरानी कर रही हैं, ताकि कीट या बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर रोकथाम की जा सके और किसानों को नुकसान से बचाया जा सके. डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि इस सीजन में धान की फसल में फिजी वायरस का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है. यह वायरस धान के पौधों की बढ़वार रोक देता है और पौधे बौने रह जाते हैं. कृषि विभाग की टीमें फसल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

यमुनानगर में 2.37 लाख एकड़ में धान की खेती

किसान अनिल कौशिक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश धान, गन्ने और दूसरी फसलों के लिए फायदेमंद है. इससे पौधों की अच्छी बढ़वार में मदद मिलेगी. यमुनानगर जिले में इस साल करीब 2,37,500 एकड़ में धान की खेती हुई है. जिले में जुलाई 2026 में 254 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि 17 अगस्त तक 181.29 मिमी बारिश हुई है.

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