राजस्थान में बारिश से इसाबगोल, जीरा, गेहूं और मक्का की फसल चौपट, पैदावार में भी गिरावट.. कब मिलेगा मुआवजा ?

जयपुर, अजमेर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, जालौर, दौसा, बीकानेर, चूरू, सीकर और ब्यावर समेत कई इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं. इन क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार गेहूं और सरसों की फसलें जमीन पर गिरकर खराब हो गईं. पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर में किसानों ने कहा कि जीरा और इसबगोल की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 12 Apr, 2026 | 09:31 AM

Rajasthan Agriculture News: राजस्थान में बेमौसम बारिश और तेज ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इसाबगोल, जीरा, गेहूं, मक्का और सरसों जैसी फसलें खराब हो गई हैं. किसान आरोप लगा रहे हैं कि सरकार नुकसान का सही आकलन और मुआवजा देने में देरी कर रही है. हालांकि, मौसम अब ठीक हो गया है लेकिन किसानों को अभी तक राहत नहीं मिली है. वहीं, मंडियों में फसलों के दाम भी कमजोर बने हुए हैं. इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.

श्रीगंगानगर के अर्जुनसर और राजियासर इलाके में ओलावृष्टि से खड़ी व कटी दोनों तरह की फसलें बर्बाद  हो गई हैं. पट्टी खियान गांव के किसान खजान सिंह ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा कि इस बार ओले बहुत बड़े और तेज थे, जो उन्होंने कई सालों में नहीं देखे. उन्होंने कहा कि उन्होंने करीब 90 क्विंटल गेहूं की कटाई की थी, लेकिन अब नमी के कारण वह काला पड़ गया है.

इन जिलों में ज्यादा नुकसान

जयपुर, अजमेर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, जालौर, दौसा, बीकानेर, चूरू, सीकर और ब्यावर समेत कई इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं. इन क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार गेहूं और सरसों की फसलें जमीन पर गिरकर खराब  हो गईं. पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर में किसानों ने कहा कि जीरा और इसबगोल की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. जैसलमेर के मसूदी गांव के किसान मामन खान ने कहा कि इसबगोल ज्यादा नमी से खराब हो जाता है और उनकी करीब 70 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है.

इसबगोल की फसल पूरी तरह बर्बाद

पास के सरवारी गांव में किसान कृपाल सिंह ने कहा कि उनकी 6 बीघा में लगी इसबगोल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई. उन्होंने कहा कि करीब 900 किलो तैयार फसल ओलावृष्टि के कारण खराब हो गई है. किसानों ने यह भी बताया कि कटाई के बाद खेतों में रखे गेहूं को भी बारिश से नुकसान हुआ है. सीकर जिले के धोद तहसील के धोदसर गांव के किसान राम सिंह ने कहा कि उनकी गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने उसे पूरी तरह गिरा दिया. अब दाने झड़ रहे हैं और गुणवत्ता भी खराब हो गई है.

बारिश से फसल नुकसान, उत्पादन भी कम

एक अन्य किसान ने कहा कि उन्होंने बीज, खाद और सिंचाई पर काफी खर्च किया था, लेकिन अब यह सब नुकसान में बदल गया है. उत्पादन भी कम हो गया है और जो फसल बची है, उसे भी मंडी में अच्छा दाम मिलने की उम्मीद कम है. व्यापारियों और किसानों का कहना है कि खराब फसलों के कारण आने वाले हफ्तों में जयपुर मंडी समेत कई कृषि बाजारों में आवक कम रहने की संभावना है. किसान संगठनों ने तुरंत फसल सर्वे और समय पर मुआवजे की मांग की है.

राहत सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि राहत सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है, जमीन पर काम कम नहीं दिख रहा है. वहीं, अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित इलाकों में फसलों का आकलन  किया जा रहा है और किसानों से अपील की है कि वे तय प्रक्रिया के तहत अपने नुकसान की जानकारी दर्ज कराएं और बीमा व अन्य योजनाओं के लिए जरूरी दस्तावेज पूरे करें.

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Published: 12 Apr, 2026 | 09:17 AM
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