वैज्ञानिकों की सलाह पर किसान करेंगे खेती, खाद का भी होगा सीमित इस्तेमाल.. रोडमैप तैयार

शिवराज सिंह चौहान ने किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर कहा कि अभी भी कई छोटे किसान इससे जुड़े नहीं हैं. इसलिए उन्हें जोड़ने के लिए खास अभियान चलाना जरूरी है. साथ ही, दलहन और तिलहन की खेती बढ़ाने के लिए भरोसेमंद खरीद व्यवस्था, पारदर्शिता और सरकारी वादों को पूरी तरह लागू करने पर भी जोर दिया.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 25 Apr, 2026 | 01:13 PM

Fertilizer And Seeds: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को खाद का इस्तेमाल संतुलित तरीके से करना चाहिए. यानी मिट्टी की जरूरत के अनुसार ही उर्वरक डालें. इससे पैदावार में बढ़ोतरी होगी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी. उन्होंने सॉइल हेल्थ कार्ड को उपयोगी बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हर जिले की मिट्टी की जानकारी साझा होनी चाहिए. साथ ही वैज्ञानिकों की सलाह सीधे किसानों तक पहुंचनी चाहिए, तभी अन्नदाताओं को फायदा मिलेगा. इस दौरान उन्होंने नकली बीज, खाद और खराब कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही.

शिवराज सिंह चौहान ने किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर कहा कि अभी भी कई छोटे किसान इससे जुड़े नहीं हैं. इसलिए उन्हें जोड़ने के लिए खास अभियान चलाना जरूरी है. साथ ही, दलहन और तिलहन  की खेती बढ़ाने के लिए भरोसेमंद खरीद व्यवस्था, पारदर्शिता और सरकारी वादों को पूरी तरह लागू करने पर भी जोर दिया. दरअसल, केंद्रीय कृषि मंत्री ने लखनऊ में हुए उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में ये बातें कहीं.

क्या बोले शिवराज सिंह चौहान

उन्होंने कहा कि अब खेती से जुड़े मुद्दे सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन पर तय समय में काम भी होगा. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि फैसले लेने, योजना बनाने और उनकी जिम्मेदारी तय करने का मंच है. उन्होंने केंद्र और राज्यों से ‘टीम इंडिया’ की तरह मिलकर काम करने की अपील की और कहा कि किसानों का हित सबसे पहले है. साथ ही, सम्मेलन में उठे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई होगी और हर तीन महीने में इसकी समीक्षा की जाएगी.

वहीं, इस सम्मेलन में खेती, बागवानी और किसान कल्याण के लिए एक साफ और सकारात्मक दिशा तय की गई. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का सबसे बड़ा संदेश केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल है. उनके मुताबिक, किस राज्य में किस पार्टी की सरकार है, यह मायने नहीं रखता. सबका लक्ष्य किसानों का भला, खेती का विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना होना चाहिए.

सभी मुद्दों पर कार्ययोजना बनाई जाएगी

उन्होंने साफ कहा कि सम्मेलन में उठे सभी मुद्दों पर कार्ययोजना बनाई जाएगी और हर तीन महीने में उसकी समीक्षा होगी. राज्यों से यह भी कहा गया कि वे खेती और बागवानी से जुड़े अपने मुद्दे और प्रस्ताव सीधे केंद्र सरकार को भेजें, बैठकों का इंतजार न करें. साथ ही केंद्रीय योजनाओं के प्रस्ताव समय पर भेजने और मिली राशि को तय समय में खर्च करने पर जोर दिया गया, क्योंकि खर्च की गति का असर अगली किस्त और भविष्य के बजट पर पड़ता है.

अच्छी खेती की नींव अच्छे बीज होते हैं

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अच्छी खेती की नींव अच्छे बीज होते हैं, इसलिए ब्रीडर सीड, फाउंडेशन सीड और सर्टिफाइड सीड की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने राज्यों से कहा कि वे समय पर ब्रीडर सीड उठाएं और नई किस्मों को सिर्फ जारी करने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें किसानों के खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी बेहतर बनाएं.

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

सम्मेलन के अलग-अलग सत्रों में किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि ऋण, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, डिजिटल खेती, फार्मर रजिस्ट्री, दलहन और तिलहन उत्पादन, बागवानी, बीज व्यवस्था, फसल खरीद, मृदा स्वास्थ्य, डीएसआर तकनीक, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण, विपणन और आईसीएआर की इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम जैसे कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. केंद्र और राज्यों के अधिकारियों ने अपनी प्रस्तुतियों में जमीनी चुनौतियों, अब तक की उपलब्धियों और आगे की संभावनाओं को सामने रखा.

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Published: 25 Apr, 2026 | 01:11 PM
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