सोयाबीन का रेट MSP से ज्यादा, रकबे में 7 फीसदी तक बढ़ोतरी की उम्मीद.. किसानों की बढ़ी रुचि
सोयाबीन की कीमत MSP से ऊपर रहने के कारण किसानों का रुझान इस साल फिर से इस फसल की ओर बढ़ा है. SOPA का अनुमान है कि खरीफ 2026 में सोयाबीन का रकबा 5 से 7 फीसदी बढ़ सकता है. 8 जुलाई तक देश में 100.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई होने का अनुमान है.
देश में सोयाबीन की अच्छी कीमतों का असर इस बार खेती पर भी दिख रहा है. बाजार में सोयाबीन का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चलने के कारण किसान इसकी खेती की ओर तेजी से लौट रहे हैं. सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) का अनुमान है कि खरीफ 2026 में सोयाबीन का रकबा पिछले साल के मुकाबले 5 से 7 फीसदी बढ़ सकता है. हालांकि, खरीफ 2026 सीजन में प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है. पिछले साल जिन किसानों ने सोयाबीन छोड़कर मक्का की खेती शुरू की थी, वे इस बार बेहतर कीमत मिलने के कारण फिर से सोयाबीन की खेती की ओर लौट रहे हैं.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, SOPA के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक ने कहा कि उनके फील्ड सर्वे के अनुसार, प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में 80 से 90 फीसदी लक्ष्य क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सभी बड़े उत्पादक राज्यों में किसानों का रुझान सोयाबीन की ओर बढ़ा है, इसलिए इस साल बुवाई का रकबा 5-7 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है. SOPA के अनुसार, पिछले साल देश में 114 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की गई थी.
सोयाबीन का भाव 6,900 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मध्य प्रदेश में किसानों को सोयाबीन का भाव 6,700 से 6,900 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. यह केंद्र सरकार द्वारा तय 5,708 रुपये प्रति क्विंटल MSP से काफी अधिक है. यही वजह है कि किसान इस साल सोयाबीन की खेती की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून की देरी से शुरुआत होने के कारण इस बार सोयाबीन की बुवाई थोड़ी देर से शुरू हुई. इसके बावजूद 8 जुलाई तक SOPA ने अनुमान लगाया है कि देश में सोयाबीन की बुवाई 100.31 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हो चुकी है.
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SOPA और सरकार के आंकड़ों में बड़ा अंतर
SOPA का अनुमान कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से काफी ज्यादा है. कृषि मंत्रालय के अनुसार, 8 जुलाई तक सोयाबीन की बुवाई 57.92 लाख हेक्टेयर में हुई है. SOPA के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक ने कहा कि सरकारी आंकड़े आमतौर पर 7 से 10 दिन की देरी से अपडेट होते हैं. इसी वजह से मंत्रालय के आंकड़े SOPA के अनुमान से कम दिखाई दे रहे हैं.
किस राज्य में कितनी हुई बुवाई
- मध्य प्रदेश: 44.25 लाख हेक्टेयर (सरकारी आंकड़ा 25.96 लाख हेक्टेयर)
- महाराष्ट्र: 40.25 लाख हेक्टेयर (सरकारी आंकड़ा 23.58 लाख हेक्टेयर)
- राजस्थान: 7.98 लाख हेक्टेयर (सरकारी आंकड़ा 4.94 लाख हेक्टेयर)
मध्य प्रदेश में सोयाबीन बुवाई में तेजी
हालांकि, SOPA का कहना है कि आने वाले दिनों में सरकारी आंकड़े अपडेट होने पर दोनों के बीच का अंतर कम हो सकता है. SOPA के अनुसार, मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश की वजह से सोयाबीन की बुवाई में तेजी आई है और अब तक करीब 90 फीसदी लक्ष्य क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है. इसी तरह राजस्थान में भी लगभग 90 फीसदी और महाराष्ट्र में 80-90 फीसदी लक्ष्य क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई पूरी हो गई है. SOPA के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक ने कहा कि कुछ इलाकों में असमान बारिश के कारण बीज ठीक से नहीं उगे. इसकी वजह से करीब 1-2 फीसदी क्षेत्र में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी है.