गर्मियों में फट रहे खीरा-टमाटर, किसान फसल सुरक्षित रखने का जान लें आसान तरीका

Summer Farming: गर्मी के मौसम में सब्जियों का फटना किसानों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है. असंतुलित सिंचाई और पोषक तत्वों की कमी इसके मुख्य कारण हैं. सही समय पर हल्की सिंचाई और जिंक, बोरॉन व कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों का उपयोग करके किसान इस समस्या से बच सकते हैं.

नोएडा | Updated On: 1 May, 2026 | 11:30 AM

Vegetable Farming: गर्मी बढ़ते ही सब्जी उगाने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ जाती है. खेत में मेहनत करने के बाद जब फल फटने लगते हैं, तो पूरी फसल का नुकसान हो जाता है. लेकिन सही सिंचाई और पोषण का ध्यान रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, थोड़ी सी समझदारी से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और अच्छी पैदावार पा सकते हैं.

गर्मी में क्यों फटते हैं सब्जियों के फल

NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, गर्मी के मौसम  में सबसे बड़ी समस्या खेत में नमी की कमी होती है. जब जमीन पूरी तरह सूख जाती है और फिर अचानक ज्यादा पानी दे दिया जाता है, तो पौधा तेजी से पानी खींचता है. इससे फल पर दबाव बढ़ जाता है और वह फट जाता है. यही कारण है कि गर्मी में खीरा, टमाटर, लौकी जैसी सब्जियों में दरारें देखने को मिलती हैं.

सही सिंचाई से मिल सकता है बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का कहना है कि सब्जियों में सिंचाई  हमेशा संतुलित तरीके से करनी चाहिए. गर्मी के मौसम में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करना सबसे अच्छा रहता है. इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधे पर अचानक दबाव नहीं पड़ता. अगर किसान नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी सिंचाई करते रहें, तो फल फटने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.

सूक्ष्म पोषक तत्व बनाते हैं फल मजबूत

डॉ. मिश्रा के अनुसार, सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि सही पोषण  भी बहुत जरूरी है. जिंक, बोरॉन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और मोलिब्डेनम जैसे सूक्ष्म तत्व फल के छिलके को मजबूत बनाते हैं. इससे फल आसानी से नहीं फटता और उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है. अगर खेत में पहले से संतुलित उर्वरक नहीं डाले गए हैं, तो किसान 7 से 10 दिन के अंतराल पर स्प्रे करके इन तत्वों की कमी पूरी कर सकते हैं.

नमी बनाए रखना है सबसे जरूरी उपाय

गर्मी में खेत को पूरी तरह सूखने नहीं देना चाहिए. मिट्टी में हल्की नमी बनी रहे, इसके लिए समय-समय पर सिंचाई जरूरी है. इसके साथ ही खेत की सही देखभाल और संतुलित उर्वरक प्रबंधन  अपनाने से फसल सुरक्षित रहती है. यदि किसान इन आसान उपायों को अपनाते हैं, तो वे फल फटने की समस्या से बच सकते हैं और अपनी पैदावार को बढ़ा सकते हैं. गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही किसानों को बड़ा नुकसान दे सकती है, लेकिन सही जानकारी और सही तरीके अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. सही सिंचाई, पोषण और देखभाल से सब्जियों की खेती को सफल और फायदेमंद बनाया जा सकता है.

Published: 1 May, 2026 | 11:30 AM

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