Telangana News: तेलंगाना के महबूबाबाद और रंगारेड्डी जिलों में धान खरीद केंद्रों पर दो किसानों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई. एक किसान की मौत बिजली गिरने से हुई, जबकि दूसरे की मौत लू लगने से होने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में उपज बेचने मंडी आए किसानों के बीच आक्रोश बढ़ गया है. किसानों का कहना है कि मंडी के अंदर किसानों को ठहरने के लिए अच्छी व्यवस्था नहीं की गई है. किसान मजबूरी में अपने उपज के साथ धूप में ही रूक रहे हैं. इससे वे लू और बारिश की चपेट में आ रहे हैं.
तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, महबूबाबाद जिले के सुदानापल्ली गांव में 40 वर्षीय किसान नीलम वेंकन्ना रविवार शाम के समय धान खरीद केंद्र पर मौजूद थे, तभी उन पर बिजली गिर गई और वे वहीं गिर पड़े. वेंकन्ना जन्म से ही सुनने और बोलने में अक्षम थे. उन्होंने मेहनत करके लगभग डेढ़ एकड़ में धान की खेती की थी और अपनी फसल लेकर खरीद केंद्र पहुंचे थे. लेकिन खरीद में देरी होने के कारण वे केंद्र पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई, तो वे अन्य किसानों के साथ मिलकर धान की बोरियों को तिरपाल से ढकने लगे. तभी उन पर बिजली गिर गई और वे वहीं गिर पड़े. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
लू लगने से किसान की मौत
एक अन्य घटना में रंगारेड्डी जिले के इब्राहिमपटनम विधानसभा क्षेत्र के रायपोल IKP केंद्र पर एक किसान की मौत हो गई. किसान एम. गौरैया और उनकी पत्नी वेंकटम्मा पिछले चार दिनों से अपनी धान की फसल की खरीद का इंतजार कर रहे थे. अधिकारियों द्वारा फसल में नमी ज्यादा होने की बात कहने पर दोनों किसान रोज सुबह केंद्र पर आकर धान सुखाते थे और शाम को घर लौट जाते थे. लेकिन रविवार शाम गौरैया अपने पत्नी के सामने ही अचानक धान के ढेर पर ही गिर पड़े. स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी मौत लू लगने से हुई हो सकती है.
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बारिश से धान और मक्का की फसल भीग गई
सिद्दीपेट जिले के हुज्नाबाद में स्थित एक खरीद केंद्र पर अचानक हुई बारिश के कारण धान और मक्का की फसल भीग गई. किसानों का आरोप है कि पिछले दो हफ्तों से वे लगातार खरीद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी अलग-अलग कारण बताकर फसल की खरीद में देरी कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में किसान फसल खरीद में हो रही देरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं.ट
ओडिशा में भी किसान की हुई थी मौत
बता दें उपज बेचने के दौरान किसानों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है. इसी साल फरवरी महीने में ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में एक 53 वर्षीय किसान की मौत हो गई थी, जो कथित तौर पर चार दिनों से अपनी धान की फसल की तौल और बिक्री का इंतजार कर रहा था. मृतक की पहचान राजनगर ब्लॉक के जुनागड़ी गांव के त्रिलोचन नायक के रूप में हुई थी. उनके छोटे भाई दुर्दोधन नायक ने कहा था कि त्रिलोचन 22 फरवरी को 51 क्विंटल धान बेचने के लिए प्राथमिक सहकारी समिति गए थे. उन्हें बताया गया कि फसल गोपालपुर स्थित रामचंडी राइस मिल में ले जानी होगी. इसके बाद वे तीन दिन तक खुले आसमान के नीचे अपनी बारी का इंतजार करते रहे. तभी दोपहर में उन्हें तबीयत खराब लगी और वे घर लौट आए, जहां रात में उनकी मौत हो गई.