Tip Of The Day: आलू किसानों के लिए 3 फॉर्मूले जो बढ़ा देंगे 20 फीसदी कमाई, जेब नहीं रहेगी खाली
Potato Farmers Earning: आलू की खुदाई के बाद सही ग्रेडिंग करना किसानों के लिए फायदे का सौदा बन सकता है. बड़े, मध्यम और छोटे आलू अलग-अलग बेचने से बेहतर दाम मिलते हैं. सड़े और खराब आलू हटाने से पूरी फसल सुरक्षित रहती है. इस आसान 3 फॉर्मूले से किसान अपनी कमाई में 15-20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकते हैं.
Potato Farming: खेत में आलू की खुदाई होते ही किसान के चेहरे पर खुशी तो आती है, लेकिन असली परीक्षा तब शुरू होती है जब फसल मंडी तक पहुंचती है. मेहनत से उगाया आलू अगर सही दाम न दे, तो सारा उत्साह ठंडा पड़ जाता है. इस बार मुनाफे का राज किसी नई मशीन में नहीं, बल्कि इस आसान से 3 फॉर्मूले में छिपा है. अगर किसान थोड़ी समझदारी से आलू की छंटाई करें, तो कमाई में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है.
बिना छंटाई के क्यों मिलता है कम भाव?
अक्सर किसान पूरा आलू एक साथ बोरी में भरकर मंडी ले जाते हैं. इसमें बड़े, छोटे, कटे-फटे और खराब आलू सब मिल जाते हैं. व्यापारी जब ऐसी फसल देखते हैं, तो वे पूरी खेप का भाव कम लगा देते हैं. असल में खरीदार सबसे पहले फसल की क्वालिटी और एकरूपता देखते हैं. अगर आलू अलग-अलग आकार और हालत के हों, तो उन्हें बेचने में परेशानी होती है. इसी वजह से किसान को सही कीमत नहीं मिल पाती. इसलिए पहली गलती यही होती है कि फसल की ग्रेडिंग नहीं की जाती.
क्या है आसान 3 फॉर्मूला?
ये फॉर्मूला बहुत सरल है. खुदाई के बाद आलू को तीन हिस्सों में बांट लें.
- 1:- बड़े और साफ-सुथरे आलू. इनकी मांग चिप्स फैक्ट्री, होटल और बड़े बाजार में ज्यादा होती है.
- 2:- मध्यम आकार के आलू. ये घरों में रोजाना उपयोग के लिए सबसे ज्यादा बिकते हैं.
- 3:- छोटे या हल्के दाग वाले आलू. इन्हें अलग बेचें या पशु चारे या अन्य उपयोग में लें.
कटे-फटे या सड़े आलू तुरंत अलग कर दें. इससे बाकी आलू सुरक्षित रहेंगे और पूरी बोरी खराब नहीं होगी.
सही तरीके से करें छंटाई और सुखाना
आलू निकालने के बाद तुरंत बोरी में न भरें. पहले उन्हें हवादार और छायादार जगह पर फैला दें, ताकि मिट्टी सूख जाए. सूखे आलू की सफाई आसान होती है और वे ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रहते हैं. इसके बाद आकार और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग ढेर बनाएं. साफ बोरी या क्रेट में पैक करें. अगर पैकेजिंग साफ-सुथरी होगी, तो व्यापारी भी भरोसा करेंगे और बेहतर भाव देने को तैयार होंगे. याद रखें, एक सड़ा हुआ आलू पूरी बोरी खराब कर सकता है. इसलिए थोड़ी मेहनत आगे चलकर बड़ा नुकसान बचा सकती है.
कैसे बढ़ेगा 20 फीसदी तक मुनाफा?
जब आलू अलग-अलग ग्रेड में बेचा जाता है, तो हर खरीदार अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदता है. बड़े आलू का दाम ज्यादा मिलता है, मध्यम का अलग और छोटे का अलग. इससे पूरी फसल का औसत भाव बढ़ जाता है. बाजार के जानकारों का मानना है कि सही ग्रेडिंग से 15 से 20 प्रतिशत तक ज्यादा कमाई हो सकती है. साथ ही, अच्छी क्वालिटी की पहचान बनने पर आगे भी अच्छे खरीदार मिलते हैं. छोटी सी सावधानी से किसान अपनी मेहनत का पूरा फल पा सकते हैं.