Punjab Agriculture News: पंजाब में फसल नुकसान की मार झेल रहे किसानों की मुश्किलें अभी कम होने वाली नहीं है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में 7 से 8 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. ऐसे में किसानों को फसल की कटाई नहीं करने की सलाह दी गई है. वहीं, किसानों का कहना है कि अगर 7 से 8 अप्रैल के बीच बारिश होती है, तो फसल नुकसान का आंकड़ा और बढ़ जाएगा. हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फसल नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे करने का आदेश दिया है.
IMD के मुताबिक, पंजाब में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अभी सक्रिय हैं. इसलिए 7 से 8 अप्रैल के बीच एक और खराब मौसम का खतरा सता रहा है. इससे पहले 30-31 मार्च और 3-4 अप्रैल को आए सिस्टम ने पंजाब में भारी नुकसान किया. कृषि विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 1.25 लाख एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित हुई है. सबसे ज्यादा नुकसान फाजिल्का में 43,978 एकड़, फिर मुक्तसर में 42,720 एकड़, बठिंडा में 20,430 एकड़ और मोगा में 11,520 एकड़ फसल को हुआ है.
किसानों को दी गई खास सलाह
वहीं, नई मौसम चेतावनी से पहले से नुकसान की मार झेल रहे किसानों की चिंता और बढ़ गई है. मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि आने वाला सिस्टम खड़ी गेहूं की फसल को और नुकसान पहुंचा सकता है. साथ ही परिवहन में बाधा और बिजली कटौती की भी आशंका है. लोगों को आंधी-तूफान के दौरान घर में रहने और किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है.
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70,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की उठी मांग
आमतौर पर अप्रैल में गर्मी शुरू हो जाती है, लेकिन IMD के अनुसार इस बार हीटवेव की संभावना नहीं है और मौसम ठंडा व नम बना रह सकता है. वहीं, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि अमृतसर के मजीठा में गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है. उन्होंने केंद्र और राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार से जल्द ‘गिरदावरी’ कराने और 70,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है. साथ ही मंडियों में गेहूं की सुचारु खरीद और आढ़तियों की समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई गई है.
क्या बोले किसान नेता हीरा सिंह
भारतीय किसान यूनियन (एकता) मंजाइल के नेता हीरा सिंह ने किसान इंडिया से कहा बारिश ने गेहूं, मक्का और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया है. मौसम विभाग ने फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. अगर हर हफ्ते इसी तरह बारिश होती रही, तो गेहूं की कटाई में देरी होगी और खरीफ फसलों की खेती पर भी असर पड़ेगा. इसलिए सर्वे रिपोर्ट आने के बाद किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मार्च से लगातार आए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण कई जगह गेहूं और मक्का की फसल भी बर्बाद हो गई है, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद टूट गई है. उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर किसानों को आर्थिक मदद देने की मांग की है, ताकि इस संकट से राहत मिल सके.