Animal Health: बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने पशुपालकों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की है. अब राज्य के पशुपालक अपने पशुओं की कई जरूरी स्वास्थ्य जांच मुफ्त में करवा सकते हैं. यह सुविधा पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना में उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार का उद्देश्य पशुओं को स्वस्थ रखना, दूध और उत्पादन बढ़ाना तथा पशुपालकों की आय में सुधार करना है. सरकार का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से पशुओं में फैलने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है. इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा. आधुनिक प्रयोगशालाओं में कई तरह की जांचें नियमित रूप से की जा रही हैं, ताकि पशुपालकों को बेहतर सुविधा मिल सके.
पशुपालकों को मिल रही मुफ्त जांच की सुविधा
पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना में पशुओं की कई तरह की जांचें बिना किसी शुल्क के की जा रही हैं. यहां खून, दूध, मूत्र और अन्य जरूरी सैंपल की जांच आधुनिक मशीनों से होती है. खून की जांच में ब्लड प्रोटोजोआ, टी.सी., डी.सी, ईएसआर और हीमोग्लोबिन जैसी जांच शामिल हैं. इन जांचों से पशु के शरीर में संक्रमण, कमजोरी और अन्य बीमारियों का पता लगाया जाता है. सरकार का कहना है कि कई बार पशुपालकों को बीमारी की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे पशु की हालत खराब हो जाती है. अब मुफ्त जांच सुविधा से बीमारी की पहचान जल्दी हो सकेगी और सही इलाज मिल पाएगा.
संक्रामक बीमारियों की भी होगी जांच
संस्थान में पशुओं में फैलने वाली खतरनाक संक्रामक बीमारियों की भी जांच की जा रही है. इसमें जोन्स डिजीज, टीबी, ब्रुसेलोसिस और ग्लैंडर्स जैसी बीमारियां शामिल हैं. ये बीमारियां पशुओं के साथ-साथ इंसानों के लिए भी खतरनाक मानी जाती हैं. समय पर जांच नहीं होने पर बीमारी तेजी से फैल सकती है और पशुपालकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पशु कमजोर दिखे, दूध कम दे रहा हो या बार-बार बीमार पड़ रहा हो, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए. सही समय पर बीमारी पकड़ में आने से इलाज आसान हो जाता है और पशु जल्दी ठीक हो सकता है.
दूध, मूत्र और पोल्ट्री जांच की सुविधा भी उपलब्ध
संस्थान में दूध और मूत्र की जांच की सुविधा भी उपलब्ध है. मिल्क कल्चर सेंसिटिविटी और यूरिन रूटीन जांच के जरिए पशुओं की कई अंदरूनी समस्याओं का पता लगाया जाता है. इसके अलावा मुर्गी पालन करने वाले किसानों के लिए भी जांच की व्यवस्था की गई है. पोल्ट्री से जुड़े सैंपल की जांच कर बीमारी का पता लगाया जाता है, ताकि समय रहते इलाज किया जा सके. सरकार का मानना है कि पशुपालन और पोल्ट्री ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का बड़ा साधन बन रहे हैं. इसलिए पशुओं और पक्षियों की बेहतर सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
पशुपालकों से संस्थान का लाभ उठाने की अपील
बिहार सरकार ने सभी पशुपालकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है. पशुपालकों को कहा गया है कि बीमार पशुओं के सैंपल लेकर संस्थान पहुंचें, ताकि सही जांच और उपचार मिल सके. पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पास पटना में स्थित है. यहां आधुनिक प्रयोगशालाओं में विशेषज्ञों की देखरेख में जांच की जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ पशु ही बेहतर दूध और उत्पादन दे सकते हैं. अगर पशुपालक समय-समय पर जांच करवाते रहें, तो पशुओं में बीमारी का खतरा कम होगा और उनकी आय भी बढ़ेगी. सरकार की इस पहल से राज्य के हजारों पशुपालकों को फायदा मिलने की उम्मीद है. मुफ्त जांच सुविधा से पशुओं की बेहतर देखभाल संभव होगी और पशुपालन व्यवसाय को मजबूती मिलेगी.