Best Poultry Breeds: मुर्गी पालन के लिए बेस्ट 5 देसी नस्लें, कम खर्च में बढ़ेगा फार्म और कमाई

देशी मुर्गी पालन किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा कमाई का आसान जरिया बन रहा है. सही नस्ल चुनकर किसान अंडे और मांस से अच्छी आमदनी कर सकते हैं. इन नस्लों की देखभाल आसान होती है और बाजार में इनकी मांग भी लगातार बनी रहती है, जिससे मुनाफा बढ़ता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 27 Apr, 2026 | 11:42 AM

Poultry Farming: आज के समय में किसान सिर्फ खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहते. वे ऐसे काम भी अपना रहे हैं, जिनसे जल्दी और ज्यादा कमाई हो सके. मुर्गी पालन ऐसा ही एक आसान और फायदेमंद काम बन गया है, खासकर गांवों में यह तेजी से बढ़ रहा है. अंडे और मांस की बाजार में हमेशा मांग रहती है, इसलिए यह बिजनेस किसानों और युवाओं के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन चुका है. अगर सही नस्ल की मुर्गियां पाली जाएं, तो कम खर्च में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

मुर्गी पालन क्यों बन रहा है किसानों की पहली पसंद

मुर्गी पालन  शुरू करना आसान है और इसमें ज्यादा बड़ी जमीन की जरूरत नहीं होती. छोटे स्तर से भी इसे शुरू किया जा सकता है. इसमें लगने वाला खर्च कम होता है, लेकिन कमाई अच्छी हो सकती है. मुर्गी के अंडे और मांस में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, इसलिए इसकी मांग हर मौसम में बनी रहती है. यही कारण है कि किसान और युवा इस काम को तेजी से अपना रहे हैं. अगर देशी नस्लों का पालन किया जाए, तो उनकी देखभाल आसान होती है और बीमारियां भी कम होती हैं, जिससे नुकसान कम होता है.

देशी नाटी और कड़कनाथ से अच्छी कमाई

देशी नाटी मुर्गी स्वाद के लिए जानी जाती है. इसका मांस बहुत पसंद किया जाता है, इसलिए बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है. यह कम देखभाल में जल्दी बढ़ती है और साल में 70 से 120 अंडे दे सकती है. वहीं कड़कनाथ मुर्गा एक प्रीमियम नस्ल है, जिसका मांस काला होता है और बहुत पौष्टिक माना जाता है. इसकी मांग शहरों और होटलों में ज्यादा रहती है, जिससे किसानों को ऊंचे दाम मिलते हैं. कड़कनाथ में प्रोटीन  ज्यादा और फैट कम होता है, इसलिए यह सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. यही वजह है कि इस नस्ल से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है.

असील, वनराजा और गिरिराज भी फायदेमंद

असील मुर्गा अपनी ताकत और बड़े आकार के लिए जाना जाता है. इसका वजन 5 से 6 किलो तक हो सकता है, जिससे मांस उत्पादन  ज्यादा मिलता है. वनराजा मुर्गी कम खर्च में अच्छी ग्रोथ देती है. यह साल में 180 से 220 अंडे तक दे सकती है और जल्दी तैयार हो जाती है. इसलिए छोटे किसानों के लिए यह अच्छा विकल्प है. गिरिराज मुर्गी भी ज्यादा अंडे देने वाली नस्ल है. यह साल में 160 से 220 अंडे दे सकती है और इसका वजन भी अच्छा होता है. इससे किसानों को लगातार आय मिलती रहती है.

कम लागत में शुरू करें, हर महीने करें कमाई

मुर्गी पालन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कम लागत में शुरू किया जा सकता है. किसान अपने घर या खेत के पास ही छोटा शेड बनाकर इसे शुरू कर सकते हैं. देशी मुर्गियां  ज्यादा मजबूत होती हैं, इसलिए इनकी देखभाल आसान होती है और दवाइयों पर खर्च भी कम आता है. अगर सही तरीके से पालन किया जाए, तो किसान हर महीने अच्छी कमाई कर सकते हैं. अंडों और मांस की लगातार मांग होने के कारण यह बिजनेस कभी रुकता नहीं है.

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