Tamil Nadu News: तमिलनाडु सरकार राज्य के धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों को मैंगो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित करेगी. सरकार के ‘वेट्री तमिलगम विजन’ दस्तावेज के अनुसार, इन दोनों जिलों में 5 एकीकृत मैंगो प्रोसेसिंग पार्क स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य आम की प्रोसेसिंग बढ़ाना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है. इन प्रोसेसिंग पार्कों में कोल्ड स्टोरेज, मैंगो पल्प बनाने की इकाइयां और आम के सीधे निर्यात के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा आम के वैल्यू एडिशन सेंटर भी बनाए जाएंगे, ताकि आम से जुड़े दूसरे उत्पाद तैयार किए जा सकें.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार कृष्णागिरि में पैदा होने वाले आम को चेन्नई और बेंगलुरु के हवाई अड्डों तक सीधे पहुंचाने के लिए कार्गो परिवहन सुविधा भी विकसित करेगी. इससे आम के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है. धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिले तमिलनाडु के प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्र हैं. इन दोनों जिलों में करीब 51,000 हेक्टेयर में आम की खेती होती है. वहीं, कृष्णागिरि में 24 मैंगो पल्प उद्योग पहले से संचालित हैं.
दो जिलों में पांच प्रोसेसिंग पार्क बनाने की तैयारी
मैंगो फार्मर्स फेडरेशन के अध्यक्ष और किसान केएम सौंदरराजन ने सरकार की इस योजना का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि अगर ‘वेट्री तमिलगम विजन’ में किए गए सभी वादे जमीन पर लागू होते हैं, तो इससे आम किसानों और प्रोसेसिंग उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा. केएम सौंदरराजन ने कहा कि पहले उनकी मांग थी कि हर ब्लॉक में एक मैंगो पल्प यूनिट बनाई जाए. हालांकि, अब सरकार ने दो जिलों में पांच प्रोसेसिंग पार्क बनाने की बात कही है, जो एक अच्छा कदम है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से मौसम की मार के कारण कृष्णागिरि के आम किसानों को कम उत्पादन का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में भ्रष्टाचार खत्म करने की भी मांग की.
- र्नाटक के आमों की विदेश में धूम! पहली बार मालदीव पहुंची खेप, किसानों की बढ़ेगी कमाई
- तमिलनाडु में चावल हुआ महंगा, 15 रुपये किलो तक बढ़ी कीमत.. बिगड़ा किचन का बजट
- कर्नाटक में महंगी हुईं मछलियां, कीमतों में 190 फीसदी तक बढ़ोतरी.. 580 रुपये किलो हुआ भाव
- फसल नुकसान पर किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान.. DBT के जरिए भुगतान
इस साल करीब 1.5 से 2 लाख टन मैंगो पल्प तैयार हुआ
वहीं, कृष्णागिरि मैंगो पल्प प्रोसेसर्स फेडरेशन के महासचिव ई. माधवन ने कहा कि वे सरकार के इस विजन दस्तावेज का स्वागत करते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार आम के पल्प की खपत बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए, ताकि इसका सीधा फायदा आम किसानों और पल्प उद्योग दोनों को मिल सके. मैंगो पल्प प्रोसेसर्स का कहना है कि पिछले दो साल से तैयार मैंगो पल्प का पूरा स्टॉक नहीं बिक पाया है. इस साल करीब 1.5 से 2 लाख टन मैंगो पल्प तैयार हुआ है, जबकि पिछले साल इसका उत्पादन करीब 3 लाख टन था. उन्होंने सरकार से मांग की कि मिड-डे मील योजना में आम के जूस को शामिल किया जाए, ताकि पल्प की खपत बढ़े और किसानों के साथ-साथ प्रोसेसिंग उद्योग को भी फायदा मिले. वहीं, बागवानी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने इस योजना को लेकर अपने सुझाव राज्य सरकार को भेज दिए हैं. हालांकि, सरकार की ओर से घोषित प्रस्ताव के बारे में उन्हें फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है.